दूसरी पारी में टीम में शामिल चहल ने पहले टी-20 में ऑस्ट्रेलिया को चलता किया

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया में वनडे सीरीज में मिली हार के बाद भारतीय क्रिकेट टीम ने टी-20 सीरीज का पहला मुकाबला 11 रनों से जीत लिया। टी-20 में टीम इंडिया की यह लगातार नौवीं जीत थी। शुक्रवार को कैनबरा में हुए तीन मैच की टी-20 सीरीज के पहले मुकाबले में भारतीय टीम ने टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 161 रन बनाए। जवाब में ऑस्ट्रेलिया 20 ओवर में सात विकेट पर 150 रन ही बना पाया। तीन विकेट लेने वाले कनक्शन सब्सीट्यूट युजवेंद्र चहल को मैन ऑफ द मैच चुना गया। चहल को 23 गेंदों में धुआंधार 44 रन बनाने वाले रवींद्र जडेजा की जगह दूसरी पारी में मौका मिला।
ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 162 रन का टारगेट मिला था, लेकिन टीम 20 ओवर में 7 विकेट पर 150 रन ही बना पाई और उसे 11 रन से हार गई। इस हार के बाद ऑस्ट्रेलिया की टीम तीन मैचों की टी20 सीरीज में 0-1 से पिछड़ गई है। वैसे ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत काफी अच्छी रही थी। कप्तान फिंच ने शॉर्ट के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 56 रन की साझेदारी की। फिंच का विकेट 35 रन पर चहल ने लिया। स्मिथ को भी चहल ने 12 रन पर कैच आउट करा दिया। मैक्सवेल को नटराजन ने दो रन पर आउट किया। टी नटराजन ने शॉर्ट को 34 रन पर हार्दिक पांड्या के हाथों जैसे ही कैच आउट कराया, भारत की जीत का भरोसा बढ़ने लगा। मैथ्यू वेड 7 रन बनाकर चहल का शिकार बने तो हेनरिक्स 30 रन बनाकर दीपक चाहर की गेंद पर आउट हुए। स्टार्क एक रन बनाकर आउट हुए, जबकि स्वैपसन 12 रन बनाकर नाबाद रहे। भारत की तरफ से चहल और नटराजन ने तीन-तीन जबकि दीपक चाहर ने एक विकेट लिए। वाशिंगटन सुंदर को विकेट जरूर एक भी नहीं मिला, लेकिन उन्होंने चार ओवर की अपनी गेंदबाजी से ऑस्ट्रेलिया को दबाव में ला दिया।
इससे पहले टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को खराब शुरुआत मिली। छह गेंदों में एक रन बनाकर क्लार्क की गेंद पर शिखर धवन बोल्ड हो गए। इसके बाद कप्तान विराट कोहली 9 गेंदों में 9 रन बनाकर मिचेल स्वेप्सन के शिकार बन गए। तीसरा विकेट संजू सैमसन के तौर पर गिरा। वह 15 गेंदों में 23 रन बनाकर हेनरिक्स की गेंद पर स्वेप्सन के हाथों कैच हुए। भारत के लिए केएल राहुल ने अर्धशतक जड़ा। उन्होंने 37 गेंदों में 51 रन की पारी में पांच चौके और एक छक्का जड़ा। भारत को चौथा झटका मनीष पांडे के रूप में लगा जो 8 गेंदों में 2 रन ही बना पाए। हार्दिक पांड्या 15 गेंदों में 16 रन बनाकर तो वाशिंगटन सुंदर 7 रन बनाकर आउट हुए। जडेजा ने नाबाद 44 रन की ताबड़तोड़ पारी खेली। उनके ही कारण भारत का स्कोर 161 तक पहुंच पाया था।
कनक्शन सब्स्टीट्यूट का नियम-
कैनबरा में खेले गए पहले टी-20 मैच में रवींद्र जडेजा की जगह युजवेंद्र चहल ‘कनक्शन सब्स्टीट्यूट’ खिलाड़ी के तौर पर उतरे। जडेजा को अंतिम ओवर में मिशेल स्टार्क की तेज गेंद सिर में लग गई थी। बल्लेबाजी पूरी होने के बाद उनको चेकअप के लिए बीसीसीआई की मेडिकल टीम ने रोक लिया। इसके बाद चहल को ‘कनकशन सब्स्टीट्यूट’ (सिर में चोट लगने के कारण उसकी जगह मैदान पर उतरने वाला स्थानापन्न खिलाड़ी) के तौर पर उतारा गया और उन्होंने गेंदबाजी भी की। इस बारे में नियम कहता है कि अगर कोई खिलाड़ी चोटिल होता है तो उसकी जगह दूसरा खिलाड़ी ले सकेगा। वह बल्लेबाजी, गेंदबाजी और विकेटकीपिंग भी कर सकता है। कनकशन सब्स्टीट्यूट को मैदान पर उतारने का फैसला मैच रेफरी का होगा। इतना ही नहीं, बल्लेबाज के चोटिल होने पर बल्लेबाज और तेज गेंदबाज चोटिल होता है तो उसकी जगह तेज गेंदबाज को शामिल किया जाता है। लेकिन दोनों टीमों के पास यह अधिकार सिर्फ एक-एक कनकशन सब्स्टीट्यूट का ही होगा।
अगर मेडिकल स्टाफ या डॉक्टर को लगता है कि प्लेयर के सिर में चोट गंभीर है तो उन्हें या उसे मैच रैफरी को यह बात बतानी होगी, तब जाकर उस चोटिल बल्लेबाज के सबस्टीट्यूट को मैदान पर उतरने की अनुमति मिलेगी। फिर जिस चोटिल खिलाड़ी के बदले मैदान पर सब्स्टीट्यूट को उतारा गया है, उसे तब तक दोबारा मैदान पर उतरने की मंजूरी नहीं मिलेगी, जबतक डॉक्टर हरी झंडी ना दे दे। यह भी कि अगर किसी को सिर में चोट लगी है और वह मैदान से बाहर गया है तो फिर वह उसी दिन मैदान पर नहीं उतर सकता।

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