तेजस्वी पर नीतीश ने आपा खोया, चुनाव की तल्खी विधानसभा पहुंची, सत्र समाप्त

पटना। बिहार चुनाव के दौरान जितने आरोप-प्रत्यारोप लगे थे, उन सबका हिसाब शुक्रवार को विधानसभा में हो गया। उन अच्छे-बुरे आरोपों को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव आमने-सामने थे। विपक्ष की ओर से भाषा की मर्यादा इस तरह तार-तार हुई कि सदन की स्थिति एक बार तो चुनावी सभा से भी बदतर हो गई। राजद नेता ने मुख्यमंत्री के बेटे को लेकर ऐसी बातें कह दीं, जिसे सदन की कार्यवाही से निकालनी पड़ी। इस मुद्दे पर बात इतनी बढ़ गई कि मुख्यमंत्री आपा खो बैठे। आहत नीतीश कुमार ने भी जमकर पलटवार किया। कहा- हम अब तक चुप थे। तेजस्वी हमारे बेटे के समान हैं और इनके पिताजी हमारी उम्र के हैं। तुमको डिप्टी सीएम किसने बनाया था? आप चार्जशीटेड हो, तुम क्या करते हो, हम सब जानते हैं। इसके पिता को लोकदल में नेता किसने बनाया था, ये सारी बात लोग जानते हैं। इस तरह भारी हंगामे के बाद 17वीं विधानसभा के गठन के बाद शुरू हुआ पहला सत्र खत्म हो गया। अंतिम दिन विधानसभा की बैठक राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस और उसे पास करने के साथ अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई।

इससे पहले विधानसभा में उस समय जबरदस्त हंगामा हो गया जब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर व्यक्तिगत टिप्पणी कर दी। चुनाव प्रचार के दौरान दिखाई तल्खी को राजद नेता तेजस्वी ने सदन में भी जारी रखा। उन्होंने कहा, ‘नीतीश जी अपनी चुनावी सभाओं में लालू के नौ बच्चों की बात करते थे। कहते थे बेटी पर भरोसा नहीं था। बेटे के लिए नौ बच्चे पैदा किए। क्या नीतीश कुमार को लड़की पैदा होने का डर था, इसलिए उन्होंने दूसरा बच्चा पैदा नहीं किया? मुझे उम्मीद है कि मुख्यमंत्री इस बात से अवगत हैं कि मेरे माता-पिता की सबसे छोटी संतान एक लड़की है, जो दो बेटों के बाद पैदा हुई थी।’ इस पर भारी शोर-शराबा हो गया। उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने तेजस्वी के बयान को शर्मनाक कहा। उन्होंने कहा कि सदन के अंदर इस तरह के बयान शर्मनाक हैं, उन्हें मर्यादा का पालन करना चाहिए। मुख्यमंत्री पर इस तरह की टिप्पणी नहीं होनी चाहिए। यह गलत परंपरा की शुरुआत है। जदयू नेता गुलाम रसूल बलियावी ने कहा कि सदन के अंदर तेजस्वी ने जो बयान दिया, वह बेहद शर्मनाक है। दरभंगा से भाजपा विधायक संजय सरावगी ने इसे तेजस्वी यादव की हताशा करार दिया।

तेजस्वी यादव यहीं नहीं रुके। कहा-यह सरकार फर्जी है। यह सरकार ही चोर दरवाजे से आई है। अगर सत्ता में आए हैं तो कुछ काम तो कीजिए। इसके बाद सत्ता पक्ष के सदस्यों ने एतराज जताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पर हत्या का आरोप है। उनको जुर्माना भी देना पड़ा है। इतना सुनते ही नीतीश कुमार भड़क गए। मुख्यमंत्री ने कहा- ”यह बकवास कर रहा है। इसकी जांच कराई जाए। बड़े भाई सामान दोस्त का बेटा हैं, इसलिए हम सुनते रहते हैं। लेकिन यह कुछ भी बोल देता है। यह झूठ बोल रहा है। इसको नेता प्रतिपक्ष कौन बनाया? इसको डिप्टी सीएम किसने बनाया था? इस पर जब आरोप लगा था तो मैंने कहा कि एक्सप्लेन करो। जब नहीं किया, तो मैंने इसको छांट दिया।’

नीतीश के साथ भाजपा को भी घेरा-

तेजस्वी ने कहा कि राबड़ी देवी ने आंचल फैलाकर विशेष राज्य का दर्ज मांगा था। जब वह सीएम थी। लेकिन उस समय नहीं मिला। अब तो डबल इंडन की सरकार है, बिहार को विशेष राज्य का दर्जा कौन देगा? क्या अमेरिका के राष्ट्रपति बिहार को विशेष राज्य का दर्ज देंगे? उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के लोग नहीं चाहते हैं कि बिहार के विशेष राज्य का दर्ज मिले। कहा-विशेष राज्य का दर्जा छोड़िए, आप फ्री में कोरोना किट ही मंगाइये। अब तो डिप्टी सीएम भी दो-दो हैं। भाजपा ने 19 लाख रोजगार देने की बात की है। यह बताना चाहिए की रोजगार कब देंगे। सीएम तो पहले ही इंकार कर चुके हैं कि इतना रोजगार कैसे दिया जाएगा।

विधायकों से मांगी सात निश्चय योजनाओं से जुड़ीं शिकायतें-

मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा कि सात निश्चय की योजनाओं में अगर गड़बड़ी हुई है, तो सरकार उसे गंभीरता से लेगी। वह सभी विधायकों से इन योजनाओं में चूक के बारे में जानकारी मांग रहे हैं। नीतीश कुमार ने यह भी बताया कि सत्र खत्म होने के बाद वह जिला स्तर पर विकास योजनाओं की समीक्षा करेंगे। विकास योजनाओं को लेकर सरकार की कार्ययोजना तैयार है। जिला स्तर पर जल्द ही इसकी समीक्षा शुरू होगी।

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