बिहार में 20 लाख रोजगार और फ्री कोरोना वैक्सीन के भाजपाई वादे पर मुहर, नीतीश का एजेंडा पीछे छूटा

पटना। बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी नई सरकार ने अब डंके की चोट पर काम करना शुरू कर दिया है। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में एनडीए में शामिल सभी चार दलों के मंत्री मौजूद थे। इसमें 15 एजेंडों पर मुहर लगा दी गई। इन फैसलों से लगता है कि सरकार अपने चुनावी वादे पूरे करने की दिशा में चल पडी है। हालांकि ये फैसले वैसे हैं, जिनका वादा भाजपा ने अपने चुनावी घोषणापत्र में किया था। जैसे, सरकार ने 20 लाख रोजगार के अवसर देने के साथ-साथ फ्री कोरोना वैक्सीन को मंजूरी दे दी है। रोजगार सृजन के लिए बिहार में स्किल डेवलपमेंट पर जोर दिया जाएगा। साथ ही आईआईटी और पॉलिटेक्निक संस्थानों में ट्रेनिंग गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सेंटर बनाने का भी प्रस्ताव मंजूर हुआ है। तकनीकी शिक्षा में हिंदी को जोड़ने का भी फैसला लिया गया है। युवाओं को कारोबार के लिए सरकार 10 लाख रुपये तक का ऋण मुहैया कराएगी। इसमें से पांच लाख तक का अनुदान होगा। यानी राज्य सरकार युवाओं को कारोबार के लिए दी जाने वाली राशि में 50 फीसदी सब्सिडी के तौर पर देगी। कैबिनेट में जिन अन्य प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई, उनमें अविवाहित महिलाओं के इंटर पास होने पर 25,000 और ग्रेजुएशन पास करने पर 50,000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। सभी शहरों में बुजुर्ग लोगों के लिए बहुमंजिली इमारत बनाई जाएगी। जिन बच्चों के हृदय में बचपन से ही छेद हो, उनका इलाज मुफ्त कराया जाएगा।

बिहार में नई सरकार के गठन के बाद पहली कैबिनेट बैठक 17 नवंबर को हुई। उसमें विधानसभा का पहला सत्र बुलाने भर का फैसला हुआ था। उसके 28 दिन बाद हुई कैबिनेट की दूसरी बैठक कई मामलों में ऐतिहासिक रही। इसमें भाजपा अपने सारे चुनावी वादों पर मुहर लगवाने में सफल रही। राज्य सरकार ने इन तमाम फैसलों को सुशासन के कार्यक्रम का नाम दिया है। इन कार्यक्रमों में कुछ ऐसे एजेंडे भी हैं जिनका वादा नीतीश कुमार ने किया था। लेकिन इस सबमें नीतीश कुमार का सात- निश्चय-2 का एजेंडा पीछे रह गया। पहले से ही यही कहा जा रहा था कि दो-दो मुख्यमंत्रियों के जरिए भाजपा इस बार सरकार के कामकाज को नियंत्रित कर रही है। मंगलवार को हुए फैसलों से इसकी पुष्टि भी हो गई है। वैसे बता दें कि चुनाव के दौरान नीतीश कुमार ने युवाओं से यह वादा किया था कि अगर वह वापस सत्ता में आते हैं तो व्यवसाय के लिए पहले से ज्यादा अनुदान और ऋण दिलाएंगे। इस एक महत्वपूर्ण चुनावी वादे से जुड़े प्रस्ताव को कैबिनेट ने पास कर दिया। बिहार में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए आत्मनिर्भर बिहार योजना शुरू की जाएगी। कैबिनेट के इन फैसलों की निगरानी बिहार विकास मिशन करेगा। वहीं, जिला स्तर पर इसकी निगरानी प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में बनने वाली कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति करेगी।

राज्य की दशा-दिशा बदलने वाले 15 फैसले-

1. सरकारी और गैर सरकारी क्षेत्र में रोजगार के 20 लाख अवसर सृजित किए जाएंगे।

2. बेरोजगार युवकों को रोजगार शुरू करने के लिए सरकार 10 लाख रूपये देगी। इनमें से 5 लाख रुपये माफ कर दिए जाएंगे। बाकी पांच लाख लोन होगा, जिस पर एक प्रतिशत का ब्याज लगेगा।

3. राज्य में सबको कोरोना का टीका (वैक्सीन) मुफ्त में लगाया जाएगा।

4. अब इंटर पास करने वाली छात्राओं को 25 हजार और ग्रेजुएशन करने वाली छात्रा को 50 हजार रूपये की सहायता मिलेगी।

5. हर आईआईटी और पॉलिटेकनिक कॉलेज में बेहतर ट्रेनिंग के लिए हाई लेवल का सेंटर ऑफ एक्सलेंस बनेगा।

6. हर जिले में कम से कम एक मेगा स्कील सेंटर खुलेगा।

7. हर प्रमंडल में टूल रूम और ट्रेनिंग सेंटर खोला जाएगा।

8. स्किल डेवलपमेंट और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए अलग से विभाग बनेगा।

9. तकनीकी शिक्षा अब हिंदी में भी उपलब्ध कराई जाएगी।

10. बिहार में एक चिकित्सा विश्वविद्यालय और एक इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी खोलने का फैसला।

11. सभी शहरों में वृद्धों के लिए आश्रय स्थल बनेगा। शहर में बेघर लोगों को लिए बहुमंजली इमारतें बनेंगी।

12. बिहार से बाहर काम करने वाले कामगारों का डाटाबेस तैयार किया जाएगा।

13. जिन बच्चों के हृदय में बचपन से ही छेद हो, उनका इलाज मुफ्त कराया जाएगा।

14. इन फैसलों की निगरानी बिहार विकास मिशन करेगा।

15. जिला स्तर पर इसकी निगरानी प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति करेगी।

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