बिहार में पहली बार एक सीएम पर भाजपा के दो डिप्टी सीएम, समारोह में कहने भर को शामिल हुए अमित शाह

पटना। नीतीश कुमार ने सोमवार को एक बार फिर बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। उन्‍होंने सातवीं बार इस पद को सुशोभित किया है। शपथ ग्रहण समारोह में गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा भी शामिल हुए। हालांकि शपथ समारोह शुरू होने से पहले और बाद में भी अमित शाह को नीतीश कुमार से अधिक बात करते हुए नहीं देखा गया। शपथ ग्रहण समाप्त होते ही अमित शाह दिल्ली के लिए राजभवन से ही विदा हो गए। उधर, राजद के नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व में विपक्ष ने इस समारोह का बहिष्कार किया। लोजपा नेता चिराग पासवान भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हुए। बाद में ट्वीट करते हुए यह जरूर कहा कि आगे भी नीतीश कुमार के एनडीए का ही मुख्यमंत्री बने रहने की उम्मीद है। हालांकि पूर्व उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी समारोह में देर तक रहे और ताजपोशी के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिले भी। सरकार के गठन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार को बधाई दी है। अपने ट्वीट में उन्‍होंने लिखा है कि एनडीए परिवार बिहार की बेहतरी के लिए मिलकर काम करेगा। प्रधानमंत्री ने बिहार को केंद्र से पूरी सहायता का भी आश्‍वासन दिया है।

नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी एनडीए की नई सरकार में मुख्यमंत्री समेत कुल 15 मंत्रियों ने शपथ ली है। सरकार में भाजपा की ओर से तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी को उपमुख्यमंत्री के तौर पर शामिल किया गया है। नीतीश कुमार के साथ 11 साल तक बतौर डिप्टी सीएम के तौर कंधे से कंधा मिलाकर काम करने वाले भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी को इस बार सरकार में शामिल नहीं किया है। सरकार में जदयू के विजय कुमार चौधरी, अशोक चौधरी, मेवालाल चौधरी और पहली बार विधायक बनीं शीला मंडल को शामिल किया गया है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के बेटे संतोष सुमन को भी मंत्री बनाया गया है। वह जदयू के कोटे से मंत्री बने हैं। उनकी पार्टी हम चुनाव भी जदयू कोटे से मिली सीटों पर ही लड़ी थी। इसके अलावा वीआईपी पार्टी के मुकेश सहनी को भी मंत्री बनाया गया है, लेकिव वह भाजपा के कोटे से मंत्री बने हैं। बता दें कि इस बार वीआईपी को चुनाव लड़ने के लिए 11 सीटें भाजपा ने अपने कोटे से दी थीं। भाजपा की ओर से मंगल पांडेय, अमरेंद्र प्रताप सिंह, रामप्रीत पासवना, जीवेश मिश्रा और रामसूरत राय को मंत्री बनाया गया है। इनमें से रामप्रीत पासवान (राजनगर) और जीवेश मिश्रा (जाले) मिथिलांचल के हैं। भाजपा के सबसे वरिष्ठ नेता नंदकिशोर यादव को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि वह इस बार विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाएंगे। इसलिए भी कि अब तक स्पीकर रहे विजय चौधरी भी इस बार मंत्री बना दिए गए हैं। मंत्रिमंडल में मिथिलांचल, सीमांचल और तिरहुत को अधिक प्रतिनिधित्व देने की कोशिश गई है, क्योंकि इन क्षेत्रों में इस बार एनडीए को सबसे अधिक सीटें जीतने में सफलता मिली।

उत्तर प्रदेश की तर्ज पर बिहार में पहली बार दो डिप्टी सीएम बनाए गए हैं। दोनों भाजपा के कोटे से हैं- तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी। तारकिशोर प्रसाद जहां पिछड़ा वर्ग से आते हैं, वहीं रेणु देवी अतिपिछड़ा वर्ग से आती हैं। कहना ही होगा कि हमने तीन नवंबर को ही बता दिया था कि इस बार बिहार में दो उपमुख्यमंत्री होंगे। यह भी कि सुशील मोदी को केंद्र में भेजा जाएगा। तारकिशोर प्रसाद कटिहार विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर सदन पहुंचे हैं। वह चौथी बार विधायक बने हैं। उन्हीं की तरह रेणु देवी भी चौथी बार जीत कर सदन में पहुंची हैं। रेणु देवी बेतिया विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर आई। भाजपा ने नया प्रयोग करते हुए पहली बार किसी महिला को डिप्टी सीएम की कुर्सी दी है। नीतीश कुमार के साथ शपथ लेने के बाद दोनों उपमुख्यमंत्रियों को मुख्यमंत्री के साथ ही मंच पर बैठाया गया था। जबकि मंत्रियों को शपथ लेने के बाद नीचे की कुर्सी दी गई थी।

बता दें कि विधानसभा के चुनाव में एनडीए गठबंधन को 125 सीटें हासिल हुईं हैं, जबकि विपक्षी महागठबंधन को 110 सीटें मिलीं। एनडीए में भाजपा को 74 सीटें, जदयू को 43, हम और वीआईपी को चार-चार सीटें मिली हैं। एक निर्दलीय विधायक सुमित सिंह ने भी नीतीश सरकार को समर्थन दे दिया है।

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