बिहार में अभी तो एनडीए सरकार है, आगे नहीं पता

पटना। बिहार में बीजेपी और जदयू नेताओं के बीच चल रही तल्खी से एनडीए के भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं। नया कारण है अरुणाचल प्रदेश। उसकी सीमा यूं तो बिहार से नहीं लगती है, लेकिन वहां जदयू के सात में छह विधायकों को पार्टी में शामिल कर लेने के बीजेपी के फैसले ने यहां राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। जदयू के नेता लगातार कह रहे हैं कि बीजेपी ने गठबंधन धर्म का पालन नहीं किया। ऐसे में बुधवार को डिप्टी सीएम रेणु देवी के इस बयान ने सरकार को लेकर नई चर्चा छेड़ दी कि नीतीश कुमार को हम अभी अभिभावक ही मानते हैं, आगे का नहीं पता। इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री और हम पार्टी के नेता जीतन राम मांझी ने ट्वीट कर बीजेपी को चेतावनी दे दी है। लिखा है-अरूणाचल प्रदेश में जो हुआ वह स्वच्छ राजनीति नहीं है। बीजेपी के नेतृत्व से अनुरोध है कि ऐसी गलती दोबारा ना हो पाए, इसका खयाल रखें। नीतीश कुमार को कमजोर समझने वालों को शायद नहीं पता है कि हम पार्टी मजबूती से उनके साथ है।

इससे पहले बीजेपी नेता और डिप्टी सीएम रेनू देवी ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश के मसले पर उनकी पार्टी को कुछ भी नहीं कहना है। जहां तक बिहार की बात है तो एनडीए मजबूत है। जदयू अरुणाचल के मसले पर क्या सोचती है, यह उनके हिस्से की बात है। साथ ही कहा- हम नीतीश कुमार को अभिभावक मानते हैं और उनके नेतृत्व में ही सरकार चल रही है। आगे क्या होगा, मुझे नहीं पता। भविष्य के बारे में कोई अंदाजा नहीं है। यह बयान बता रहा है कि वाकई बिहार में एनडीए की सरकार किन परिस्थितियों का सामन कर रही है। सूत्र बता रहे हैं कि जदयू और बीजेपी के बीच रिश्ते लगातार खराब होते जा रहे हैं। इसका प्रमाण है नीतीश कुमार का हफ्ते भर से बीजेपी के नेताओं से ना मिलना। सूत्र तो यहां तक बता रहे हैं कि मुख्यमंत्री ने बीजेपी नेताओं के फोन भी उठाने लगभग बंद कर दिए हैं। हालांकि ऊपर तौर पर सब कुछ सामान्य दिखाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

राजद जदयू विधायकों की चिंता छोड़े, अपना घर संभाले

इस बीच, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद राजद के इस दावे को बेबुनियाद बताया है कि जदयू के 17 विधायक टूटने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि वैसे तो कोई कुछ भी दावा कर सकता है, लेकिन यह सब बेबुनियाद है। उसमें कोई दम नहीं है और ऐसे बयानों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। उधर, जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि राजद सत्ता पाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। यह बयान तेजस्वी यादव के इशारे पर ही दिया गया है, जो सत्ता को लेकर बेचैन हैं। उन्होंने कहा कि एनडीए में कुछ मतभेद हो सकते हैं, लेकिन हर कीमत पर सरकार पांच साल पूरा करेगी। राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि राजद नेता श्याम रजक लोगों को गुमराह कर रहे हैं। राजद तो जदयू के विधायकों की टूट की चिंता छोड़ दे और अपने विधायकों को संभाले। राजद के विधायक खुद तेजस्वी के कार्यशैली से नाराज हैं और कई हमारे संपर्क में हैं।

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