खबर पर मुहर, मांझी और सहनी ने मानी लालू से ऑफर मिलने की बात

आर्यांश,पटना। विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख मुकेश सहनी और हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (हम) के मुखिया जीतनराम मांझी ने दरभंगाटाइम्स.कॉम की खबर पर मुहर लगा दी है। दोनों ने गुरुवार को माना कि नीतीश कुमार की सरकार गिराने के लिए राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने उनसे संपर्क किया था। बता दें कि हमने एक दिन पहले यहीं पर एक खबर दी थी-लालू का आखिरी सियासी दांव, नीतीश सरकार गिराना है। इसमें हमने बताया था कि एनडीए के लगभग एक दर्जन विधायकों से उनकी बात हुई है। इनमें मुकेश सहनी की पार्टी वीआईपी और जीतनराम मांझी की पार्टी हम के विधायक भी हैं। दोनों पार्टियों से चार-चार विधायक चुनकर आए हैं। दोनों दलों से एक-एक ही मंत्री बन सकते हैं, जो बना दिए गए हैं। पार्टी के सूत्र तो यहां तक कहते हैं कि मांझी के लोग टूटने के लिए अपने नेता को मुख्यमंत्री पद देने की मांग कर रहे हैं। राजद अपने नेता तेजस्वी को छोड़ और किसी को भी मुख्यमंत्री बनाने को तैयार नहीं है। विपक्ष यह ऑफर जरूर दे रहा है कि दोनों दलों के सभी विधायकों को मंत्री जरूर बना दिया जाएगा। सहनी और मांझी तो डिप्टी सीएम बन ही जाएंगे।

अब गुरुवार को दोनों ने इस खबर पर मुहर लगाते हुए कहा कि एनडीए की सरकार गिराने और महागठबंधन के स्पीकर के लिए वोट देने के लिए भाजपा विधायक ललन पासवान के अलावा जीतन राम मांझी और मुकेश सहनी के साथ-साथ कई नेताओं को कॉल आया था। लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की विडंबना देखिए कि सरकार में शामिल रहते हुए भी दोनों ही नेताओं ने यह बात छिपा ली। ऐसे में अगर एक बार फिर नीतीश कुमार के लिए संकटमोचन बन कर सुशील मोदी आगे नहीं आते, तो स्पीकर के चुनाव में ही सरकार गिर गई होती। जीतन राम मांझी ने बताया कि लालू प्रसाद ने कई बार हमारे लोगों को कॉल किया था। कहा था कि मांझी जी से बात करा दीजिए। लेकिन हमने बात नहीं की। उनकी नीयत ही गलत काम करने की रही है। उन्होंने यह भी माना कि उन्हें मुख्यमंत्री और उनकी पार्टी के सभी विधायकों को मंत्री बनाने का ऑफर था। इसी तरह मंत्री मुकेश सहनी ने भी लालू प्रसाद से फोन पर बात होने की बात मान ली है। वीआईपी नेता यह भी कहा कि वह समय आने पर सब कुछ उजागर कर देंगे। फिलहाल तो नीतीश कुमार ने भरोसा जताते हुए मुझे मंत्री बनाया हैं। उस जिम्मेवारी को मैं निभाने में जुटा हूं। कमाल यह कि जिम्मेवारी की बात करने वाले वीआईपी नेता निष्ठा पर कुछ नहीं कहा।

सुशील मोदी के ट्वीट को ट्विटर ने डिलीट किया-

बिहार के पूर्व डिप्‍टी सीएम सुशील कुमार मोदी के राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव पर बुधवार को किए गए ट्वीट को ट्विटर ने डिलीट कर दिया है। इसमें उन्होंने लालू द्वारा भाजपा विधायक को मंत्री पद का प्रलोभन देकर सत्‍ता गिराने की साजिश का खुलासा किया था। इस क्रम में उन्होंने एक मोबाइल नंबर भी शेयर किया था, जो इरफान के नाम से था। सुशील मोदी का दावा था कि उसी नंबर से पीरपैंती के भाजपा विधायक ललन पासवान को फोन किया गया था। ट्वीटर ने इसे किसी की निजता का हनन मानते हुए उस ट्वीट को ही डिलीट कर दिया है। ऐसा माइक्रोब्लॉगिंग साइट की नीति के अनुसार किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *