मोदी बोले- जंगलराज के साथियों को ‘भारत माता की जय’ से समस्या

पटना। बिहार में मतदान वाले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिर चुनावी सभाएं कीं। दूसरे चरण की वोटिंग के दौरान अपने अंतिम चुनावी दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री ने फिर से विरोधियों पर अपने अंदाज में हमला बोला। इससे पहले वह 28 अक्तूबर को तब आए थे, जब पहले चरण के तहत राज्य में मतदान चल रहा था।

मंगलवार को सीमांचल में अररिया के फारबिसगंज के बाद सहरसा में कहा कि बिहार को जंगलराज बनाने वालों के साथी, उनके करीबी क्या चाहते हैं, आपको पता है? वह चाहते हैं कि आप भारत माता की जय के नारे ना लगाएं। सोचिए, छठी मैया को पूजने वाली इस धरती पर जंगलराज के साथी चाहते हैं कि भारत माता की जय के नारे ना लगें। वे चाहते हैं कि आप जय श्री राम भी ना बोलें। बिहार के चुनाव प्रचार में मां भारती का जयकारा करना इन लोगों को रास नहीं आ रहा। मोदी ने कहा कि जरा सोचिए। बिहार में जंगलराज लाने वालों के साथियों को भारत माता से दिक्कत है। कभी एक टोली कहती है कि भारत माता की जय के नारे मत लगाओ, कभी दूसरी टोली को भारत माता की जय से सिरदर्द होने लगता है। ये भारत माता के विरोधी अब एकजुट होकर बिहार के लोगों से वोट मांग रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने बिहार में एनडीए की दोबारा सरकार बनने की उम्मीद जताई। कहा, ‘मैं कुछ दिनों में हर क्षेत्र में गया हूं। अभी दूसरे चरण के मतदान के जो ट्रेंड मिल रहे हैं उसने तस्वीर बिल्कुल साफ कर दी है। लोग आत्मनिर्भर बिहार के लिए प्रतिबद्ध हैं और राज्य में फिर एनडीए की सरकार बनने जा रही है।’ मोदी ने कहा, ‘जंगलराज ने बिहार के सामर्थ्य के साथ जो विश्वासघात किया, उसे हर नागरिक अच्छे से जानता है। जुबान पर बार-बार गरीब का नाम वालों ने गरीब को ही चुनाव से दूर कर दिया था। गरीब को अपनी मर्जी की सरकार बनाने का अधिकार ही नहीं था। अब बिहार में बदलाव है.’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘बीते दशक में नीतीश जी के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने आत्मनिर्भर बिहार की मजबूत नींव रखी है। बिहार में बिजली, पानी, सड़क जैसी मूल सुविधाएं आज गांव-गांव पहुंच चुकी हैं। आज बिहार देश के उन राज्यों में है, जहां बिजली की खपत सबसे अधिक होती है.’ मोदी ने यह भी कहा कि आत्मनिर्भर बिहार यानी- बिहार का नेक्स्ट जनरेशन आईटी हब के रूप में विकास। आत्मनिर्भर बिहार यानी- बिहार में नए दुग्ध प्रोसेसिंग उद्योगों का विकास। आत्मनिर्भर बिहार यानी- बिहार में सैकड़ों नए किसान उत्पादक संघों का निर्माण। आत्मनिर्भर बिहार यानी- बिहार के स्थानीय उद्यमियों, स्थानीय व्यापारियों का विकास। आत्मनिर्भर बिहार यानी- बिहार के कुटीर उद्योगों का विकास। आत्मनिर्भर बिहार यानी स्थानीय भाषा में मेडिकल-इंजीनियरिंग जैसी तकनीकी शिक्षा की पढ़ाई।

विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि बिहार में अब रंगबाजी और रंगदारी नहीं चलने वाली है। बिहार में वह लोग भूखे पेट होने का दावा कर रहे हैं जो पूरा खजाना खा गए थे। उन्होंने कहा कि बिहार में एक कहावत है- सबकुछ खइनी एगो भूंजा ना चबैनी। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि भरपेट खाना खाने वाले अब भूंजा पर नजर गड़ाए बैठे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार की महिलाएं आज मोदी के साथ चलने को तैयार हैं। अगर अभी बिहार में पहले जैसे हालात होते तो गरीब मां का बेटा पीएम नहीं बन पाता। बिहार में आज बिना किसी भेदभाव के लोगों को विकास का लाभ मिल रहा है, सरकार की ओर से गैस सिलेंडर, शौचालय, आयुष्मान भारत जैसी मदद गरीबों को दी गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *