बधाई हो, नियुक्ति घोटाले के आरोपी शिक्षा मंत्री ने दे दिया इस्तीफा

पटना। बिहार के नए बने शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने गुरुवार को ही कार्यभार संभाला था। बतौर मंत्री पहला फैसला उन्होंने अपने इस्तीफे का ही लिया। मेवालाल चौधरी पर सबौर कृषि विश्वविद्यालय में नियुक्ति घोटाले का आरोप है। बता दें कि मेवालाल चौधरी पर लगा आरोप तब का है जब वह सबौर कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति थे। वहां 161 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति में हुआ था। कृषि विश्वविद्यालय में 2012 में हुई 161 सहायक प्राध्यापक सह जूनियर साइंटिस्टों की नियुक्ति में बड़े पैमाने पर हुई धांधली सामने आई थी। यूनिवर्सिटी में योग्य के बजाय अयोग्य लोगों की नियुक्ति कर ली गई थी। मिसाल के तौर पर बगैर राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) पास किए डेढ़ दर्जन अभ्यथियों को नौकरी दे दी गई थी। इसी दौरान उन पर भवन निर्माण में भी घोटाले लगे थे।

अभी दो दिन पहले यानी 17 नवंबर को ही पहली बार मंत्री बनाए गए तारापुर के विधायक मेवालाल चौधरी को लेकर नीतीश सरकार की काफी फजीहत हो रही थी। 23 नवंबर से नई विधानसभा का सत्र शुरू होते ही विपक्ष ने इस पर हंगामा करने का संकेत दे दिया था। गुरुवार सुबह भी राजद नेता तेजस्वी यादव ने शिक्षा मंत्री मेवालाल को लेकर नीतीश सरकार पर सवाल उठाए थे। तेजस्वी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा हत्या और भ्रष्टाचार के अनेक मामलों में आईपीसी की 409, 420, 467, 468, 471 और 120 बी के तहत आरोपी मेवालाल चौधरी को शिक्षा मंत्री बनाने से बिहार वासियों को क्या शिक्षा मिलती है? उन्होंने यह लिखते हुए पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी की तरफ से मेवालाल के ऊपर लगाए गए आरोपों वाले पुराने बयानों को भी साझा किया था। साथ ही साथ नियुक्ति घोटाले में मेवालाल की तलाश में हुई छापेमारी की खबरें भी साझा की थी। गौरतलब है कि मेवालाल चौधरी बिहार के सबसे बड़े नौकरी घोटाले के आरोपी हैं। इसी कारण नीतीश कुमार उन्हें एक बार पार्टी से भी निकाल चुके हैं। इतना ही नहीं, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बिहार का राज्यपाल रहते मेवालाल चौधरी के खिलाफ जांच भी कराई थी, जिसमें वह दोषी पाए गए थे। यह जांच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर हुई थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *