जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने माना- 15 साल में बीजेपी से पहली बार रिश्ता इतना खराब

पटना। बिहार में सत्तारूढ़ एनडीए में मतभेद की बात मंगलवार को सार्वजनिक हो गई। कुछ पुराने और अरुणाचल वाले नए मामले को लेकर दोनों पार्टियों के रिश्ते में आई दरार को नेताओं ने मानना शुरू कर दिया है। शुरुआत जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने की है। उन्होंने माना कि अरुणाचल प्रदेश में बीजेपी द्वारा हमारे छह विधायकों को तोड़ लेने के बाद रिश्तों में दरार आ गई है। उन्होंने कहा- पिछले 15 सालों में गठबंधन के अंदर ऐसा कभी नहीं हुआ।

जदयू के प्रदेश अध्यक्ष के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश में जो कुछ हुआ, वह गठबंधन धर्म के विपरीत हुआ है। नीतीश कुमार ने बीजेपी के साथ पिछले 15 सालों की दोस्ती में ऐसा कोई काम कभी नहीं किया। बीजेपी ने अरुणाचल प्रदेश में गठबंधन धर्म का पालन नहीं किया। पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इसे लेकर हम अफसोस जाहिर कर चुके हैं। बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी के नीतीश कुमार के समर्थन में बोलने पर वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि बीजेपी नेता जो देखते हैं वही बोलते हैं। लेकिन, जो कुछ हो रहा है वह ठीक नहीं है।

वशिष्ठ नारायण सिंह के मुताबिक, पार्टी ने तय किया है कि अब बिहार के बाहर जदयू अपने बूते संगठन का विस्तार करेगा। हम चुनाव भी लड़ेंगे और पार्टी को राष्ट्रीय दल का दर्जा भी दिलाएंगे। यह भी कहा कि आरसीपी सिंह के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नीतीश कुमार भी सरकार के साथ-साथ पार्टी को अलग से वक्त दे पाएंगे। आरसीपी सिंह पहले से संगठन के लिए काम करते रहे हैं। लिहाजा अब पार्टी के विस्तार, खास तौर पर बिहार के बाहर भी जदयू को ले जाने के लिए जरूरी कदम उठाएंगे। वैसे भी लव जिहाद पर भाजपा से अलग स्टैंड लेकर जदयू ने साफ कर दिया है कि वह दूसरे प्रदेशों में विस्तार में अब कोई संकोच नहीं करेगा। इसकी शुरुआत पश्चिम बंगाल विधानसभा में बीजेपी से अलग होकर चुनाव लड़ने से हो सकती है। जदयू सूत्रों ने साफ कर दिया है कि बंगाल में पार्टी भाजपा को हराने की कोशिश करेगी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बंगाल में जदयू 75 सीटों पर प्रत्याशी उतार सकती है।

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