हायाघाट विधायक ने फाइनली `तीर’ छोड़ थामी `लालटेन’

विमलनाथ झा, दरभंगा। हायाघाट से जदयू के विधायक अमरनाथ गामी ने रविवार को औपचारिक रूप से राजद की सदस्यता ले ली। पटना में पार्टी की सदस्यता राजद नेता तेजस्वी यादव ने दिलाई। इस मौके पर राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह, भोला यादव और मनोज झा भी थे। वह दरभंगा शहर से राजद प्रत्याशी हो सकते हैं। गौरतलब है कि तीन दिन पहले जदयू छोड़ने से गामी जी ने सोशल मीडिया के मंच पर लंबा-चौड़ा पोस्ट लिखकर पाला बदलने की मजबूरी बताई थी। उन्होंने यह पीड़ा बताई थी कि जदयू में टिकट की कौन कहे, स्थान भी नहीं मिल रहा था।
बता दें कि दो दशक पूर्व सत्यनारायण गामी ने भाजपा के बागी उम्मीदवार के तौर पर दरभंगा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था। उस समय भाजपा प्रत्याशी शिवनाथ वर्मा हुई थी और राजद के सुल्तान अंसारी जीते थे। इसकी पुनरावृत्ति उनके अनुज अमरनाथ गामी ने जदयू छोड़ राजद से भाग्य आजमाने में किया है। श्री गामी 2010 में हायाघाट से भाजपा के विधायक बने। 2015 में चुनाव से पूर्व ही जदयू का दामन थाम उसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। अब राजद का लालटेन थामकर वे दरभंगा शहर से भाग्य आजमाएंगे। वैसे राजद को दरभंगा विधानसभा क्षेत्र से पिछले चार दशक में एक बार वर्ष 2000 में सफलता मिली थी। पिछले चार चुनावों से दरभंगा शहर का प्रतिनिधित्व भाजपा के संजय सरावगी कर रहे हैं। जातीय समीकरणों की बात करें तो इस क्षेत्र में मुस्लिम और सवर्ण मतदाताओं की संख्या अधिक है। ऐसी स्थिति में वैश्य और अन्य पिछड़ी जातियों का समीकरण बैठाने में जो सफल होते हैं, बाजी उनके ही हाथ लगती है।

जहां तक गामी जी की बात है तो जिलाध्यक्ष बनने के समय से ही दरभंगा विधानसभा क्षेत्र पर उनकी नजर थी। लेकिन 2010 में उन्हें हायाघाट भेज दिया गया। 2015 में जदयू के हिस्से में यह सीट नहीं आने पर राजद के ओमप्रकाश खेड़िया गठबंधन के प्रत्याशी बने थे। इस बार फिर यहां से प्रत्याशी बनने की ललक में उन्होंने `तीर’ छोड़ कर `लालटेन’ थाम लिया है। यह देखना अब दिलचस्प होगा कि `कमल’ से `लालटेन’ के साथ मुकाबला कैसे करते हैं।

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