कार्यकर्ताओं को पैदल कर देने वाली कांग्रेस का रोजगार देने का वादा

अंशुमान, पटना। विपक्षी महागठबंधन की ओर से घोषणापत्र जारी हो जाने के बावजूद, बुधवार को कांग्रेस ने अपना घोषणापत्र जारी किया। जैसे पार्टी खुद ही कह रही हो कि देखो, महागठबंधन में भी हम कैसे अलग हैं। यह अलगाव घोषणापत्र जारी करते समय सबसे आगे खड़े हरियाणा से आए रणदीप सिंह सुरजेवाला, उत्तर प्रदेश से आए राजबब्बर और गुजरात के कांग्रेस नेता शक्ति सिंह गोहिल के खड़े होने से स्पष्ट भी हो गया। बिहार में विधानसभा चुनाव लड़ रही पार्टी को स्थानीय नेता इस लायक नहीं लगे। हैरानी की बात यह कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा भी ऐसे मौके पर नहीं दिखे। ऐसा शायद पहली बार हुआ है जब पार्टी की केंद्रीय इकाई ने किसी राज्य का चुनाव प्रबंधन और तैयारियों का पूरा जिम्मा ले लिया हो। राज्य के नेता जहां पीछे धकेल दिए गए हैं, वहीं प्रत्याशियों के चयन में जमीनी हकीकत और कार्यकर्ताओं की भारी अनदेखी की गई है। बहरहाल, सदाकत आश्रम में कई नेताओं की मौजूदगी में जो घोषणापत्र जारी किया गया, उसे बदलाव पत्र नाम दिया गया है।

इस मौके पर कांग्रेस नेता राजबब्बर ने कहा कि अगर बिहार में कांग्रेस की सरकार बनती है तो नौकरी मिलने तक बेरोजगारों को हर महीने 1500 रुपये देगी। राजद नेता तेजस्वी यादव की तर्ज पर नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में 10 लाख नौकरी देने की भी बात कही गई है। शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि सरकार बनी तो किसानों का कर्ज माफ करेगी। बिजली बिल भी माफ करेगी। किसानों को फसल का उचित दाम दिलाया जाएगा। रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि 24 हजार करोड़ रुपये का नल-जल योजना का घोटला हमने देखा है, इसलिए यहां ‘राइट-टू-वॉटर’ यानी पानी का अधिकार (सरदार वल्लभ भाई पटेल पेय जल योजना) होगा। इतना ही नहीं, केजी से पीजी तक बेटियों की शिक्षा मुफ्त होगी। इसके साथ ही सावित्री बा फूले योजना, राजीव गांधी रोजगार मित्र योजना, ट्रैक्टर रजिस्टेशन मुफ्त होगा, बिहार देवालय योजना, भूमिहीनों को आवास, होनहार बेटियों को मुफ्त स्कूटी, मोबाइल पशु हॉस्पिटल, पदक लाओ पद पाओ समेत कई योजनाओं का पिटारा कांग्रेस ने खोला है। बता दें कि कुछ दिन पहले ही महागठबंधन ने अपना बदलाव घोषणापत्र जारी किया था। उसकी कई बातों का इसमें भी जिक्र है।

* बीपीएससी की परीक्षा में अतिरिक्त अवसर दिए जाएंगे, राजीव रोजगार मित्र योजना लागू होगी। रोजगार आयोग का गठन होगा। प्राइवेट स्कूल के मौजूद कानून की समीक्षा कर प्रभावी संशोधन होंगे। पिछड़े-अतिपिछड़े छात्रों के लिए मुफ्त कोचिंग संस्थान खुलेंगे। राज्य में स्वास्थ्य का अधिकार कानून लागू किया जाएगा। गांवों में मोबाइल अस्पताल की व्यवस्था होगी। हर प्रखंड में 108 एंबुलेंस के लिए एबुलेंस बैंक बनेंगे। नर्सिंग होम एक्ट लाकर मेडिकल दरें तय होगी। युवा उद्यमियों के लिए दस लाख रुपये की करमुक्त सहायता मिलेगी। हर जिले में एक लाख लोगों के लिए एलआइजी, एमआइजी आवास बनाए जाएंगे।

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