महिला पायलटों ने रचा इतिहास, नॉर्थ पोल से 16,000 किलोमीटर की दूरी तय की

नई दिल्ली। एयर इंडिया की चार महिला पायलटों की टीम ने इतिहास रच दिया है। ऐसा किया है दुनिया के सबसे लंबे हवाई मार्ग नॉर्थ पॉल पर उड़ान भरकर। यह टीम पहली बार 16 हजार किलोमीटर लंबी उड़ान के बाद सोमवार तड़के 3.45 बजे बेंगलुरु के केंपेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंच गई। इस टीम ने शनिवार रात 8:30 बजे उड़ान भरी थी। नागरिक विमानन मंत्री हरदीप पुरी ने इस कामयाबी के लिए बधाई दी है। उन्होंने ट्वीट किया- यह खुशी और जश्न का समय है। भारतीय नागरिक विमानन की महिला पेशेवरों ने इतिहास रचा है। कैप्टन जोया अग्रवाल, कैप्टन पापागरी तन्मई, कैप्टन आकांक्षा सोनावरे और कैप्टन शिवानी को सैन फ्रांसिस्को से उत्तरी ध्रुव से होते हुए बेंगलुरु उतरने पर बहुत-बहुत बधाई।

सैंन फ्रांसिस्को से बेंगलुरु पहुंची इस टीम का नेतृत्व एयर इंडिया के दिल्ली बेस पर तैनात कैप्टन जोया अग्रवाल ने किया। उनके साथ थीं कैप्टन तनमई पपागिरी, कैप्टन आकांक्षा सोनावने और कैप्टन शिवानी मन्हास। लैंड करने के बाद कैप्टन जोया अग्रवाल ने कहा कि हमने ना सिर्फ नॉर्थ पोल पर उड़ान भरकर इतिहास रचा है, बल्कि केवल महिला पायलटों द्वारा इसे सफलतापूर्वक करके एक विश्व इतिहास रचा है। हम इसका हिस्सा बनकर बेहद खुश और गर्व महसूस कर रहे हैं। बता दें कि जोया 2013 में बोइंग 777 उड़ाने वाली दुनिया की सबसे युवा महिला पायलट बनीं थीं। अब यह नया कीर्तिमान उनकी दूसरी बड़ी उपलब्धि है।

दूसरी पायलट शिवानी मन्हास का कहना है कि यह एक रोमांचक अनुभव था। ऐसा पहले कभी नहीं किया गया है। हमें सैंन फ्रांसिस्को से बेंगलुरु आने में 17 घंटे लगा। हर पायलट इसके लिए जीतोड़ मेहनत करता है, लेकिन मौका मिलना मुश्किल होता है। इसी के साथ जोया दुनिया के सबसे लंबे हवाई रूट पर चालक दल का नेतृत्व करने वाली एयर इंडिया की पहली महिला कमांडर बन गई हैं। एयर इंडिया के पायलट पहले भी इस रूट पर चल चुके हैं, लेकिन पहली बार पूरा चालक दल महिलाओं का था। एयर इंडिया के अधिकारी ने बताया कि उत्तरी ध्रुव के ऊपर से होकर गुजरने वाला पोलर रूट चुनौतियों से भरा होता है। विमानन कंपनियां इस पर अपने सबसे कुशल और अनुभवी पायलट को ही भेजती हैं।

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