तृणमूल में भगदड़ से ममता घबराईं, बढ़ाई सक्रियता

दरभंगा। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पिछले दिनों एक सरकारी काम से कोलकाता से बीरभूम गईं। अचानक उन्होंने अपना कार्यक्रम बदला। बोलपुर में पदयात्रा के बाद विवेक आदिवासी गांव पहुंची। चाय की दुकान पर पहुंच कर समोसे तलने लगीं। इतना ही नहीं, उन्होंने उस दुकान पर बैठे सभी ग्रामीणों को समोसे खिलाए। चाय भी परोसी। बाद में दुकानदार के मालिक को 500 रुपए का नोट दिया। उसके यह कहने पर कि यह उसके बिल से कहीं ज्यादा रकम है, उन्होंने ममता दिखाते हुए शेष पैसा बतौर टिप रख लेने को कहा। उसके बाद उन्होंने उस गांव की गलियों में घूम कर लोगों से संपर्क किया। उनकी समस्याएं पूछीं। तुरंत हल करने का आश्वासन भी दिया। एक गरीब महिला को उसके बच्चे के अच्छे पोषण के लिए उन्होंने 500 रुपए अपने पास से दिए। एक महिला द्वारा हैंडपंप काम ना करने की शिकायत पर स्थानीय विधायक को महीने भर में नया हैंडपंप लगाने को कहा।

यकीनन यह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का एक अलग रूप है। यह सच है कि तृणमूल कांग्रेस में मची भगदड़ से घबराकर मुख्यमंत्री ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। मई में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए उन्होंने अभी से ही अघोषित चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है। बता दें कि बीरभूम ही वह जगह है जहां हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रोड शो किया था। आदिवासी इलाकों में घूमे थे और बाउल गायक वासुदेव दास के घर खाना खाया था। ममता बनर्जी ने अपनी सभा में वासुदेव दास को भी मंच पर बुलाया।

भाजपा ने ली चुटकी

पश्चिम बंगाल में बीजेपी के प्रभारी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने ममता बनर्जी की सक्रियता पर चुटकी लेते हुए कहा कि जो काम उन्हें पांच महीने बाद विधानसभा चुनाव हारने के बाद करना था, अच्छा है वह अभी से ही करने लग गई हैं।

तृणमूल का पलटवार

कई तृणमूल नेताओं ने बीजेपी नेता के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। लोकसभा सांसद और पूर्व अभिनेत्री नुसरत जहां ने कहा- देश में फिलहाल ममता बनर्जी अकेली महिला मुख्यमंत्री है और भाजपा इस तरह की टिप्पणी कर महिला विरोधी रुख दिखा रही है। एक अन्य तृणमूल सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने कहा इस तरह की टिप्पणी करके कैलाश विजयवर्गीय दिखा रहे हैं कि महिलाओं की उनके मन में कितनी इज्जत है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *