जिम में एक्सरसाइज करते सौरव गांगुली को पड़ा दिल का दौरा

नई दिल्ली। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली को दिल का दौरा पड़ा है। उन्हें कोलकाता के वुडलैंड्स अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। हार्ट अटैक तब आया, जब वह जिम में वर्कआउट कर रहे थे। वहीं चक्कर आने से वह गिर पड़े। उन्हें तत्काल टेस्ट कराने के लिए वुडलैंड्स अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल हालत स्थिर है। उन्हें अभी एक हफ्ते तक अस्पताल में रहना होगा।
सौरव को सीने में दर्द और ब्लैकआउट यानी आंखों के सामने अंधेरा छाने की शिकायत के बाद अस्पताल में दाखिल कराया गया। 48 साल के सौरव को अपने घर में बने जिम में एक्सरसाइज के बाद सीने में दर्द और चक्कर आया, जिसके बाद परिवार के सदस्य उन्हें अस्पताल ले गए। उनकी एंजियोप्लास्टी की गई है। डॉक्टरों के मुताबिक, सौरव की धमनी में तीन ब्लॉकेज पाए गए थे। एंजियोप्लास्टी कर दो ब्लॉक हटा दिए गए हैं और उनमें एक स्टेंट लगाए गए हैं। तीसरे ब्लॉक को लेकर क्या किया जाएगा इस बारे में अभी फैसला लिया जाना बाकी है। वैसे डॉक्टरों ने परिजनों को बताया कि कुल तीन स्टेंट लगाने होंगे। एक स्टेंट लग चुका है, जबकि दो और लगाए जाएंगे।

गौरतलब है कि दादा के नाम से मशहूर सौरव गांगुली को लेकर कुछ दिनों चर्चा है कि वह बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं। और, पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव में बीजेपी के लिए प्रचार करेंगे। बीते रविवार को जब दादा ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनगड़ से मुलाकात की तो इस चर्चा ने और जोर पकड़ा। इसके अगले ही दिन उन्होंने दिल्ली में फिरोजशाह कोटला मैदान में अमित शाह के साथ मंच साझा किया था। हालांकि दादा किसी भी राजनीतिक दल में शामिल होने से इंकार करते रहे हैं।

बता दें कि गांगुली को भारत के सबसे सफल कप्तान माना जाता है। उन्होंने भारत के लिए 113 टेस्ट और 311 वनडे खेले। दादा ने 1996 में इंग्लैंड के खिलाफ अपने पहले ही टेस्ट में शतक जड़कर करियर शुरू किया था। उन्होंने 49 टेस्ट और 147 वनडे मैचों में भारत की कप्तानी की। अपने करियर में उन्होंने 113 टेस्ट मैचों में 42.17 की औसत से 7212 रन बनाए, जिनमें 16 शतक और 35 अर्धशतक हैं। वहीं 311 वनडे मैचों में उन्होंने 41.02 की औसत से 11363 रन बनाए, जिनमें 22 शतक और 72 अर्धशतक हैं। दुनिया जानती है कि गांगुली ने टीम को ऐसे मुकाम पर पहुंचाया जो देश ही नहीं, बल्कि देश के बाहर भी जीतना जानती थी। दादा की कप्तानी में ही टीम इंडिया 1983 के बाद 2003 में वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंची। उनकी कप्तानी में भारत 2001 (श्रीलंका) में चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचा। इसके अलावा भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ 2002 में नेट वेस्ट सीरीज जीती, जिसके बाद उन्होंने लॉर्ड्स की बालकनी में कमीज उतारकर लहराई थी।

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