मोदी ने पूछा- बंगाल और केरल में किसान क्यों नहीं करते आंदोलन

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पीएम किसान निधि योजना की सातवीं किस्त किसानों के खातों में जमा की। इसके तहत देश के नौ करोड़ किसानों के खाते में 18 हजार करोड़ की सम्मान निधि चली गई। इस मौके पर उन्होंने छह राज्यों के किसानों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की। इस दौरान विपक्ष पर जमकर हमला बोला और कृषि सुधारों के फायदे गिनाए। कहा-पूरे देश के किसानों को किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिला रहा है, लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार वहां के 70 लाख के किसानों को यह लाभ नहीं लेने दे रही है। जो दल बंगाल में किसानों की हालत पर कुछ नहीं बोलते, वे दिल्ली के नागरिकों को परेशान करने पर लगे हैं। देश की अर्थनीति को बर्बाद कर रहे हैं। इन दलों से पीएम ने पूछा- यहां फोटो निकालने के कार्यक्रम करते हो, जरा केरल में आंदोलन करके वहां तो एपीएमसी चालू कराओ। पंजाब के किसानों को गुमराह करने के लिए आपके पास समय है, केरल में यह व्यवस्था शुरू कराने के लिए समय नहीं है। क्यों आप लोग दोगली नीति लेकर चल रहे हो?

मोदी ने कहा कि एक समय देश के प्रधानमंत्री ने कहा था कि रुपया दिल्ली से चलता है तो घिसता है। और घिसता है तो हाथों में लगता है। फिर गलत हाथों में चला जाता है। प्रधानमंत्री ने कहा, आज ऐसा नहीं होता। दिल्ली से पैसा सीधा किसानों के खातों में जमा होता है। उन्होंने कहा कि स्वार्थ की राजनीति करने वालों को जनता बहुत बारीकी से देख रही है। जो दल पश्चिम बंगाल में किसानों के अहित पर कुछ नहीं बोलते, वही दल यहां किसान के नाम पर दिल्ली के नागरिकों को परेशान करने में लगे हुए हैं। जो लोग 30-30 साल तक बंगाल में राज करते थे, एक ऐसी राजनीतिक विचारधारा को लेकर उन्होंने बंगाल को कहां से कहां लाकर खड़ा कर दिया है, ये सारा देश जानता है। आप ममता जी के 15 साल पुराने भाषण सुनेंगे तो पता चलेगा कि इस विचारधारा ने बंगाल को कितना बर्बाद कर दिया था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज मोक्षदा एकादशी है, गीता जयंती है। आज ही भारत रत्न महामना मदनमोहन मालवीय जी की भी जयंती है। आज ही हमारे प्रेरणा पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी जी की भी जन्मजयंती है। उनकी स्मृति में आज देश ‘गुड गवर्नेंस डे’ भी मना रहा है। आज देश के 9 करोड़ से ज्यादा किसान परिवारों के बैंक खाते में सीधे एक क्लिक पर 18 हजार करोड़ रुपये जमा हुए हैं। जब से यह योजना शुरू हुई है, तब से 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा किसानों के खाते में पहुंच चुके हैं। उन्हेंने कहा कि कृषि कानून को लेकर झूठ फैलाए जा रहे हैं। एमएसपी और मंडी पर अफवाह जारी है। कानून लागू हुए कई महीने हो गए हैं, लेकिन क्या किसी को कोई नुकसान हुआ है। हमारी सरकार ने प्रयास किया कि देश के किसान को फसल की उचित कीमत मिले। हमने लंबे समय से लटकी स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार, लागत का डेढ़ गुना एमएसपी किसानों को दिया। इन कृषि सुधार के जरिए हमने किसानों को बेहतर विकल्प दिए हैं। इन कानूनों के बाद आप जहां चाहें जिसे चाहें अपनी उपज बेच सकते हैं। आपको जहां सही दाम मिले आप वहां पर उपज बेच सकते हैं। 2014 में सरकार बनने के बाद हमारी सरकार ने नई अप्रोच के साथ काम करना शुरू किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *