सरकारी नियंत्रण में हुए ऑनलाइन न्यूज और प्रोग्राम, अमेजन-नेटफ्लिक्स पर सेंसर

नई दिल्ली। ऑनलाइन न्यूज पोर्टल और ऑनलाइन कंटेंट प्रोग्राम की स्वतंत्रता अब बीते दिनों की बात हो गई। सरकार ने इन्हें अपने नियंत्रण में लेने की अधिसूचना बुधवार को जारी कर दी। ये अब से सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अधीन होंगे। इसके तहत सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने ओटीटी प्लेटफार्म पर दिखाने जाने वाले डिजिटल ऑडियो विजुअल कॉन्टेंट और वेब शो को भी अपने अधीन ले लिया है। यानी अब नेटफ्लिक्स और अमेजन पर ऐसी सामग्री दिखाने से पहले सेंसर से गुजरना होगा। इस तरह ऑनलाइन फिल्मों के साथ-साथ ऑडियो-विज़ुअल कार्यक्रम, ऑनलाइन समाचार और करंट अफेयर्स के शो सरकार के नियंत्रण में होंगे। इस समय देश में 15 वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफार्म काम कर रहे हैं। इस में जो ओटीटी प्लेटफार्म शामिल होंगे उनमें नेटफ्लिक्स, अमेज़न प्राइम वीडियो, डिज्नी + हॉटस्टार, आल्ट बालाजी, जी5, अरे, डिस्कवरी +, इरोज नाउ, फ्लिकस्ट्री, होईचोई, हंगामा, एमएक्स प्लेयर, शेमारू, वूट, जियो सिनेमा, सोनीलिव और लायन्सगेट प्ले शामिल हाँ। सरकार ने यह कदम ऑनलाइन माध्यमों से अश्लीलता परोसे जाने को रोकने के लिए उठाया है।

सरकार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट कहने पर आई। शीर्ष अदालत ने एक सुनवाई के दौरान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को रेगुलेट करने की जरूरत पर जोर दिया था। इस पर केंद्र सरकार ने कहा था कि अगर सुप्रीम कोर्ट को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए मानक तय करने हैं तो पहले डिजिटल मीडिया के लिए नियम-कानून बनने चाहिए। इसलिए कि इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के लिए पहले से गाइडलाइन मौजूद हैं। वहीं डिजिटल मीडिया की पहुंच बहुत अधिक होती है, जिसका असर भी ज्यादा देखा जा रहा है। इससे पहले सेंसरशिप या सरकारी दखल के बजाय ओटीटी कंपनियों ने पर एक फ्रेमवर्क बनाया था। ताकि सही शो ही दर्शकों तक पहुंच सके। इस आचार संहिता यानी कोड में दर्शकों की शिकायतों के निपटारे का भी प्रबंधन था। इसके लिए कंज्यूमर कंप्लेन डिपार्टमेंट या एडवाइजरी पैनल बनाने की बात कही गई थी। इस पैनल के सदस्यों में बच्चों के अधिकारों, लैंगिक समानता के लिए काम करने वाले शामिल हो सकते हैं। लेकिन सरकार ने इसे तरजीह नहीं दी थी। इससे पहले सरकार ने कहा था कि वह डिजिटल मीडिया के पत्रकारों, फोटोग्राफरों और वीडियोग्राफरों को पीआईबी मान्यता जैसे लाभ देने पर विचार करेगी। ताकि वे सरकारी संवाददाता सम्मेलन में भाग ले सकें। इस बीच सरकार ने डिजिटल मीडिया निकायों से अपने हितों को आगे बढ़ाने और सरकार के साथ बातचीत के लिए स्वयं नियमन संस्थाओं का गठन करने को कहा है।

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