बंद हो गई राशन कार्ड पर मुफ्त अनाज की योजना

आर्यांश, दरभंगा। बिहार में विधानसभा का चुनाव खत्म हो जाने और नीतीश कुमार के नेतृत्व में फिर से एनडीए की सरकार बन जाने के बाद प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना 30 नवंबर को बंद हो गई। इसके तहत गरीबों को अनाज के मौजूदा कोटे के अतिरिक्त प्रति व्यक्ति पांच किलो गेहूं या चावल के साथ प्रति परिवार एक किलो चना दाल मुफ्त मिल रही थी। हालांकि बिहार समेत देश के कई हिस्सों में कोविड-19 संक्रमण के मामले एक बार फिर बढ़ने के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि केंद्र सरकार गरीबों के लिए यह योजना दिसंबर और उसके बाद भी कुछ महीनों तक जारी रखेगी। लेकिन सोमवार को नवंबर के आखिरी दिन तक इस योजना की अवधि बढ़ाने को लेकर केंद्र सरकार की तरफ से कोई घोषणा नहीं की गई। इसका मतलब है कि दिसंबर से मुफ्त अनाज वितरण की व्यवस्था खत्म हो जाएगी। वैसे यह योजना पहले जून में ही खत्म होने वाली थी। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इसे नवंबर तक बढ़ाने का फैसला बिहार चुनाव में प्रवासी मजदूरों का मसला जोर-शोर से उठ जाने के कारण लिया गया था।

गौरतलब है कि कोरोना महामारी के दौर में मार्च में सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के हिस्सा के रूप में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का एलान किया था। गरीब परिवारों को राहत देने के लिए इस योजना के तहत सरकार ने अप्रैल, मई और जून के लिए राशन कार्ड में दर्ज सदस्यों के आधार पर प्रति व्यक्ति पांच किलो अनाज (गेहूं या चावल) और प्रति परिवार एक किलो दाल मुफ्त देने की घोषणा की थी। यह मुफ्त पांच किलो अनाज दरअसल राशन कार्ड पर मिलने वाले अनाज के कोटे के अतिरिक्त था। इसके बाद इस योजना का विस्तार दिवाली और छठ पूजा तक कर दिया गया था। यानी 30 नवंबर 2020 तक ही इस योजना का फायदा उठाया जा सकता था। सोमवार को इस योजना को बढ़ाने के लिए सरकार की तरफ से कोई सूचना नहीं आने से भी साफ हो गया है कि इसे अब बंद कर दिया गया है। यानी अब राशन कार्ड पर अनाज के पहले वाले कोटे के अलावा कुछ नहीं मिलेगा। दरअसल यह योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पंजीकृत देशभर के करीब 80 करोड़ लोगों की मदद के लिए शुरू की गई थी। इसके कारण बाजार में गेहूं की मांग कम हो गई थी, जिसका असर इसके भाव पर नजर आ रहा था। चूंकि अब यह योजना खत्म हो गई है, लिहाजा बाजार में गेहूं के भाव बढ़ने शुरू होंगे।

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