मृदुला सिन्‍हा नहीं रहीं

पटना। भाजपा की वरिष्‍ठ नेत्री और गोवा की पूर्व राज्‍यपाल मृदुला सिन्‍हा का दिल्‍ली में निधन हो गया। उन्हें 14 नवंबर को हार्ट अटैक आया था। तब से वह लगातार दिल्‍ली के एक अस्‍पताल में भर्ती थीं। वहीं बुधवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। वह बिहार के मुजफ्फरपुर की रहनेवाली थीं। वह 2014 से 2019 तक गोवा की राज्‍यपाल रहीं। मृदुला सिन्‍हा संवेदनशील नेत्री होने के साथ-साथ प्रसिद्ध साहित्‍यकार भी थीं। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री समेत तमाम नेताओं ने उनके निधन पर शोक जताया है।

वह 72 वर्ष की उम्र में 31 अगस्‍त 2014 को गोवा का राज्‍यपाल बनी थीं। उनका जन्म बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के छपरा गांव में हुआ था। केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के दौरान मृदुला सिन्हा केंद्रीय समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष रही थीं। साहित्य की दुनिया में भी उनका काफी नाम था। उन्होंने 46 से ज्यादा किताबें लिखीं हैं। विजयाराजे सिंधिया पर लिखी उनकी किताब ‘एक थी रानी ऐसी भी’ पर फिल्म भी बनी थी। उनके पति डॉक्टर रामकृपाल सिन्हा बिहार में कैबिनेट मंत्री और केंद्र सरकार में राज्य मंत्री रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा- मृदुला सिन्हा जी को जनता की सेवा में उनके प्रयासों के लिए याद किया जाएगा। वह एक कुशल लेखिका भी थीं, जिन्होंने साहित्य के साथ-साथ संस्कृति की दुनिया में भी व्यापक योगदान दिया। उनके निधन से दुखी हूं। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना। वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने कहा-उन्होंने जीवन पर्यन्त राष्ट्र, समाज और संगठन के लिए काम किया। वह एक निपुण लेखिका भी थी, जिन्हें लेखन के लिए भी सदैव याद किया जाएगा।

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