बंगाल में दीदी और केंद्र सरकार में दंगल

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार और केंद्र सरकार के बीच लड़ाई तेज हो गई है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हमले के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को दिल्ली तलब किया था। लेकिन ममता सरकार ने अपने अफसरों को दिल्ली भेजने से मना कर दिया है। इससे केंद्र और राज्य के बीच तनाव और बढ़ना तय है। इस बीच राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने राज्य सरकार को चेताया है कि वह आग से खेलने की कोशिश ना करे।
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हमले के बाद राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को तलब किए जाने पर तृणमूल कांग्रेस ने केंद्रीय गृह मंत्रालय की निंदा की है। कहा कि भगवा दल ऐसी स्थिति बनाने की कोशिश कर रहा है जहां केंद्र हस्तक्षेप कर सके। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसदों-सौगत रॉय और कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि नड्डा के काफिले में अपराधी और गुंडे थे। हिंसा भड़काने के गलत इरादे से उनके पास हथियार थे। उन्होंने कहा, ‘राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगने के लिए केंद्र सरकार पत्र भेजकर जो काम कर रही है, वह असंवैधनिक है। गृह मंत्रालय का मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को तलब करना अस्वीकार्य है।’ उनके मुताबिक, बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष के भड़काऊ भाषणों से माहौल खराब हो रहा है।
बता दें कि पश्चिम बंगाल में नड्डा के काफिले पर तृणमूल कांग्रेस के कथित कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को उस समय हमला किया था, जब वह भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करने डायमंड हार्बर जा रहे थे। हमले में वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय सहित पार्टी के कई नेता घायल हो गए।
न हमले को लेकर राज्यपाल जगदीप धनखड़ से रिपोर्ट मिलने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पर स्पष्टीकरण देने के लिए पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को तलब किया है।

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