अंतरराष्ट्रीय उड़ानें अब अगले वर्ष ही

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के कारण नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी डीजीसीए ने भारत में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया है। यानी दूसरे देशों के लिए उड़ानें अब अगले वर्ष ही शुरू हो पाएंगी। हालांकि इस दौरान वंदे भारत मिशन के तहत उड़ानें जारी रहेंगी। इससे पहले अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर 30 नवंबर तक प्रतिबंध था।
डीजीसीए ने इस तरह यह रोक आठवीं बार बढ़ाई है। घरेलू उड़ानों के साथ-साथ इंटरनेशनल फ्लाइट पर पहली बार रोक 24 मार्च को लगाई गई थी। हालांकि घरेलू उड़ानों को 25 मई से सख्त गाइडलाइन के साथ शुरू कर दिया गया। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों लगी रोक को पहली बार 14 अप्रैल को बढ़ाया गया था। तब यह यह रोक तीन मई तक थी। तब से इसे हर महीने बढ़ाया जा रहा है। हालांकि इस दौरान मई से वंदे भारत मिशन और जुलाई से चुनिंदा देशों के साथ किए गए विशेष समझौते के तहत अंतरराष्ट्रीय उड़ानें जारी हैं। भारत ने अमेरिका, ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात, केन्या, भूटान और फ्रांस के साथ विशेष द्विपक्षीय उड़ान समझौता (एयर बबल पैक्ट) किया है। डीजीसीए ने अपने आदेश में साफ कहा है कि इंटरनेशनल फ्लाइट पर यह रोक केवल नियमित यात्री उड़ानों के लिए है। इससे विशेष अनुमति प्राप्त और सभी मालवाहक उड़ानों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ उन्हीं हवाई रूट पर उड़ान संभव होगा, जिस पर भारत सरकार ने सहमति दी है। इसके साथ ही यह प्रतिबंध कार्गो विमान पर लागू नहीं होगा, जिससे सामान की सप्लाई जारी रहेगी। गौरतललब है कि विमानन कंपनियों के वैश्विक संगठन अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात संघ (आईएटीए) के सीईओ एलेक्जेंडर डि जुनियाक ने कहा था कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के चलते रेवेन्यू पैसेंजर किलोमीटर (राजस्व यात्री किलोमीटर) अपनी 2019 की स्थिति में साल 2024 तक लौट सकेगा। उन्होंने कहा कि अगर वायरस पर नियंत्रण पाने में या वैक्सीन विकसित करने में हम सफल नहीं हुए तो यह समय सीमा और आगे भी बढ़ सकती है।

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