इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, ट्रांसपोर्ट हब सहित बड़ी योजनाओं को मंजूरी

नई दिल्ली। केंद्रीय कैबिनेट ने मंगलवार को कई फैसले किए। 7,725 करोड़ रुपए की लागत से लगभग तीन लाख रोजगार पैदा करने के लिए योजना को मंजूरी मिली है। साथ ही कृष्णपट्टनम और तुमकुर में औद्योगिक गलियारा और ग्रेटर नोएडा में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक केंद्र को मंजूरी दी है। कृष्णपट्टनम बंदरगाह में 2,139 करोड़ रुपये की लागत से औद्योगिक क्षेत्र का विकास होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में हुई बैठक में फैसलों की जानकारी केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर, मनसुख मंडाविया और धर्मेंद्र प्रधान ने दी। उन्होंने बताया कि दो ट्रेड कॉरिडोर बनने से माल ढुलाई अच्छे से होगी। जहां माल ढुलाई होगी उस कॉरिडोर के साथ वहां एक्सप्रेस-वे हैं, बंदरगाह हैं, रेलवे की सुविधा है और एयरपोर्ट भी हैं। ऐसी जगहों पर औद्योगिक शहरों का विकास करने का निर्णय लिया गया है।

पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि मंत्रिमंडल ने देश में इथेनॉल उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए संशोधित योजना मंजूर की। देश में पहली पीढ़ी (1जी) इथेनॉल के उत्पादन के लिए संशोधित योजना के तहत अनाज (चावल, गेहूं, जौ, मक्का और शर्बत), गन्ना, चीनी पत्ता आदि का इस्तेमाल किया जाएगा। मंत्रिमंडल ने इथेनॉल उत्पादन संयंत्रों के लिए 4,573 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद को भी मंजूरी दी। केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया कि पारादीप पोर्ट में एक वेस्टर्न डॉक बनाने के लिए 3000 करोड़ रुपये के खर्च से एक आधुनिक और विश्व स्तरीय बंदरगाह बनाने का भी फैसला हुआ है।

प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने आकाश मिसाइल सिस्टम के निर्यात को भी मंजूरी दी है। मिसाइल के निर्यात को तेजी से मंजूरी देने के लिए एक समिति बनाई गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के ट्वीट कर बताया कि निर्यात किया जाने वाला मिसाइल सिस्टम भारतीय सेना द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे संस्करण से बिल्‍कुल अलग होगा। आकाश मिसाइल की रेंज 25 किलोमीटर है और इसे रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने तैयार किया है।

उधर, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि कैबिनेट की बैठक में भारत और भूटान के बीच एमओयू पर हुए हस्ताक्षर को मंजूरी दी गई। इस समझौते में आउटर स्पेस के शांतिपूर्ण इस्तेमाल को लेकर दोनों देशों के बीच सहमति बनी है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एस्टोनिया, पैराग्वे और डोमिनिकन गणराज्य में भारतीय मिशनों को खोलने की मंजूरी भी दी है।

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