किसानों संग बुधवार को बात करेगी सरकार, कृषि कानूनों को 25 संगठनों का समर्थन

नई दिल्ली। नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के आंदोलन को सोमवार को 33 दिन हो गए। इस बीच कई दौर की वार्ता के बाद मंगलवार को किसान नेताओं और केंद्र सरकार की होने वाली बैठक अब बुधवार को होगी। किसान संगठनों के लिखित प्रस्ताव के जवाब में केंद्र सरकार ने यह जवाब भेजा है। इसमें कहा है कि सरकार खुले दिमाग से सभी मुद्दों को सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्र सरकार ने बुधवार 30 दिसंबर को दोपहर दो बजे बैठक रखी है। इस बैठक में प्रदर्शनकारी किसानों से अहम चर्चा होने की संभावना है। उधर, देश भर के 25 किसान संगठनों के नेता और प्रतिनिधियों ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर से मुलाकात की और उन्हें नए कृषि कानून के समर्थन में पत्र सौंपा। इसकी जानकारी कृषि मंत्री ने ट्वीट करके भी दी।
किसानों के साथ बातचीत से एक दिन पहले यानी सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह , रेल मंत्री पीयूष गोयल और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के बीच बैठक हुई। इस बैठक के बाद कृषि सचिव ने बताया कि भारत सरकार समस्या का तर्कपूर्ण समाधान ढूंढने के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने किसानों से वार्ता को लेकर एजेंडे पर कहा कि बैठक में तीनों नए कृषि सुधार से जुड़े कानून, एमएसपी की मौजूदा व्यवस्था, केंद्रीय बिजली बिल और प्रदूषण के लिए लाए गए पराली से जुड़े अध्यादेश पर चर्चा होगी। गौरतलब है कि सरकार औऱ किसानों के बीच छह दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला है। किसान कृषि कानूनों को पूरी तरह वापस लेने पर अड़े हुए हैं, जबकि सरकार का कहना है कि वह इन कानूनों में जरूरी संशोधनों के लिए तैयार है। किसान एमएसपी की गारंटी का कानून भी बनाने की मांग कर रहे हैं। उन्हें यह भी आशंका है कि बिजली संशोधन बिल के जरिये उन्हें मुफ्त बिजली की व्यवस्था खत्म की जा रही है। पराली को लेकर बने कानून पर भी उन्हें ऐतराज है।
पीएम ने दिखाई सौवीं किसान रेल को हरी झंडी
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को देश की 100वीं किसान ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन महाराष्ट्र के सांगोला से पश्चिम बंगाल के शालीमार के लिए रवाना हुई। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि किसान रेल सेवा देश के किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है। इससे खेती से जुड़ी अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा। इससे देश की कोल्ड सप्लाई चेन की ताकत भी बढ़ेगी। हमारे देश में भंडारण की क्षमताओं का अभाव हमेशा से किसान के लिए एक बड़ी चुनौती रही है। हमारी सरकार इन समस्याओं के निदान के लिए करोड़ों का निवेश तो कर ही रही है, किसान रेल जैसी सुविधा भी दे रही है। उन्होंने कहा कि छोटे किसानों को कम खर्च में बड़े से बड़ा बाजार देने के लिए हमारी नीयत भी साफ है और हमने बजट में भी इसकी घोषणा कर दी है।

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