दिवाली गिफ्टः दो करोड़ तक के लोन पर ब्याज पर ब्याज माफ

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने दो करोड़ रुपये तक के कर्ज पर ब्याज पर ब्याज से राहत देने की घोषणा की है। यह राहत सभी कर्जदारों को मिलेगी। चाहे उन्होंने किस्त भुगतान से छह महीने की दी गई छूट का लाभ उठाया हो या नहीं। दरअसल, रिजर्व बैंक ने लॉकडाउन के समय में ग्राहकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए छह महीनों के लिए लोन मोरेटोरियम की सुविधा दी थी। इस दौरान जो लोग वित्तीय रूप से ईएमआई का भुगतान करने में असमर्थ थे, उन्होंने इसका लाभ उठाया। वहीं कई लोगों ने मोरेटोरियम अवधि के दौरान भी नियमित रूप से किस्त चुकाई। जिन ग्राहकों ने मोरेटोरियम का लाभ नहीं उठाया था, उन्हें भी बैंक से कैशबैक मिलेगा। इसके साथ ही सरकार ने व्यक्तिगत करदाताओं को राहत देते हुए वित्त वर्ष 2019-20 का आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की समयसीमा भी बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दिया है।

लोन मोरेटोरियम की अवधि में ब्याज पर ब्याज के भुगतान वाली स्कीम का लाभ आम ग्राहकों तक लाभ पहुंचाने के लिए वित्त मंत्रालय ने दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। इसके अनुसार कर्जदार ऋण खातों पर एक मार्च से 31 अगस्त 2020 के लिए इस योजना (ब्याज राहत) का लाभ उठा सकते हैं। जिन कर्जदारों के ऋण खाते की मंजूर सीमा या कुल बकाया राशि 29 फरवरी तक दो करोड़ रुपये से अधिक नहीं है, वे इस योजना का लाभ उठाने के पात्र होंगे। लेकिन 29 फरवरी तक इन खातों का मानक होना अनिवार्य है। मानक खाता उन्हें कहा जाता है, जिन्हें गैर निष्पादित संपत्ति (एनपीए) नहीं घोषित किया गया हो। इस योजना के तहत एमएसएमई लोन, एजुकेशन लोन, हाउसिंग लोन, कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन, क्रेडिट कार्ड ड्यू, ऑटो लोन, पर्सनल लोन, कंजप्शन लोन लेने वालों को लाभ मिलेगा। जिन लोगों ने मोरेटोरियम नहीं लिया है, उनको भी इस योजना का लाभ मिलेगा।

योजना के तहत, कर्ज देने वाले संस्थानों को योजना की अवधि के लिए पात्र कर्जदारों के संबंधित खातों में संचयी ब्याज व साधारण ब्याज के अंतर की राशि जमा करनी होगी। योजना में कहा गया है कि कर्जधारक ने रिजर्व बैंक के द्वारा 27 मार्च 2020 को घोषित किस्त भुगतान से छूट योजना का पूर्णत: या अंशत: लाभ का विकल्प चुना हो यह नहीं, उसे ब्याज राहत का पात्र माना जाएगा। इस योजना के लागू होने से सरकारी खजाने पर 6,500 करोड़ रुपये का बोझ पड़ने का अनुमान है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 14 अक्तूबर को केंद्र को निर्देश दिया था कि वह कोविड-19 महामारी के मद्देनजर रिजर्व बैंक की किस्तों के भुगतान से छूट की योजना के तहत दो करोड़ रुपये तक के कर्ज पर ब्याज माफ करने के बारे में यथाशीघ्र निर्णय ले। सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई दो नवंबर को होगी। उस दिन अंतिम फैसला भी संभव है।

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