बंगाल में गौ तस्करों की 500 करोड़ की संपत्तियां जप्त

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से मात्र छह महीने पहले सीबीआई ने राज्य में गौ तस्करी के बड़े गिरोह का भंडाफोड़ कर बीएसएफ के  कमांडेंट सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से हजारों करोड़ की संपत्ति बरामद हुई है। गिरफ्तार व्यक्तियों में बीएसएफ के कमांडेंट सतीश कुमार और तस्करों का सरगना इनामुल हक है। उन्होंने कबूल किया है कि उन्होंने पिछले तीन वर्षों में 20,000 से ज्यादा गायों को बांग्लादेश सीमा पर पकड़कर नीलाम किया। लेकिन बाजार से बहुत कम दामों पर। वे गाएं वापस तस्करों के पास पहुंच गई। इस दौरान उन्होंने एक भी तस्कर को गिरफ्तार नहीं किया।
सतीश कुमार 2015 से 2017 तक पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश सीमा पर तैनात थे। फिलहाल वे छत्तीसगढ़ के रायपुर में कमांडेंट हैं। इस मामले में सीबीआई ने एक साथ एक दर्जन से अधिक शहरों में रेड डालकर बैंक खाते, लॉकर और संपत्तियां सीज की। इनामुल हक के एक बैंक अकाउंट में 130 करोड़ रुपए और दूसरे में 10 लाख डॉलर मिले हैं जबकि सतीश कुमार के गाजियाबाद में तीन मकान दो प्लॉट, मसूरी में होटल, अमृतसर में फार्म हाउस, कोलकाता के सॉल्ट लेक में मकान के साथ सिलीगुड़ी और रायपुर में बड़ी कोठियां पाई गई।
गौ तस्करों ने स्वीकार किया है कि  गाय को सीमा पार कराने के बदले बीएसएफ को 2000 रुपए और कस्टम अधिकारियों को 500 रुपए प्रति गाय मिलता था।
हाईकोर्ट के आदेश से सक्रिय हुई सीबीआई
केंद्र सरकार से मतभेदों के चलते 2018 में पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने प्रदेश में सीबीआई की सभी जांच पर प्रतिबंध लगा दिया था। लेकिन कोलकाता हाई कोर्ट ने हाल ही में आदेश दिया कि  केंद्र सरकार के अधिकारियों के खिलाफ जांच करने के लिए सीबीआई को राज्य सरकार की अनुमति की आवश्यकता नहीं है। इसी के बाद सीबीआई ने गौ तस्करी के मामले में बीएसएफ के कमांडेंट रहे सतीश कुमार की भूमिका की जांच शुरू की और विश्व भारती विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच शुरू की।
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश सीमा तक गाय पहुंचाने में स्थानीय पुलिस और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस नेताओं की जांच होनी चाहिए। वहीं भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और पश्चिम बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने आरोपियों के आतंकवादियों से गठजोड़ की जांच की मांग की है।

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