पर्यावरण की आड़ में चीन के पर कतरे, एसी के आयात पर बैन

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने त्योहारी सीजन से पहले एक बड़ा फैसला लेते हुए रेफ्रिजरेटर वाले एयर कंडीशनर (एसी) के आयात पर बैन लगा दिया है। यह फैसला स्पिल्ट और विंडो, दोनों तरह के एसी पर लागू होगा। अब तक ऐसे एयर कंडीशनर की आयात की पूरी छूट थी। अब इसे पूरी तरह प्रतिबंधित श्रेणी में डाल दिया गया है। कहा जा रहा है कि पर्यावरण को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए यह फैसला लिया गया है। साथ ही अब घरेलू कंपनियां भी इस तकनीक से ACs बनाने लगी हैं। इसलिए बाहर से खरीदने की जरूरत नहीं है। डीजीएफटी यानी डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड ने यह फैसला लिया है। इसी तरह, एक अलग अधिसूचना में, डीजीएफटी ने डिस्पेंसर पंपों के साथ कंटेनरों में अल्कोहल-आधारित हैंड सेनिटर्स के निर्यात को मुक्त कर दिया है। जून में कोरोना वारयस महामारी के मद्देनजर उनका निर्यात प्रतिबंधित था।

बता दें कि भारत ने अप्रैल-जुलाई में 158.87 मिलियन डॉलर के एसी का आयात किया है, जिसमें से चीन और थाईलैंड का हिस्सा 97 प्रतिशत से से अधिक है। इससे पहले भारत ने टायर के साथ ही कुछ टेलीविज़न और खिलौनों को लाइसेंस तथा गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों के तहत प्रतिबंधित कर दिया है। यह आयात चीन से होता था। अप्रैल-जुलाई की अवधि में चीन से भारत का आयात 16.6 बिलियन डॉलर था जबकि निर्यात 7.27 बिलियन डॉलर था। जबकि 2019-20 में चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा 48.65 बिलियन डॉलर था। जानकारों का कहना है कि रेफ्रिजरेंट वाले एसी काफी समय से सरकार के रडार पर थे, क्योंकि इनसे क्लोरोफ्लोरोकार्बन निकलता है जो पर्यावरण के लिए हानिकारक है।

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