यमन सरकार को उड़ाने की कोशिश, धमाकों में 22 की मौत

नई दिल्ली। अरब देश यमन में स्थित अदन एयरपोर्ट बुधवार को धमाकों से गूंज उठा। धमाकों में 22 लोगों के मारे जाने की खबर है। संख्या बढ़ भी सकती है। इस धमाके के कुछ देर पहले ही प्रधानमंत्री मीन अब्दुल मलिक सईद का विमान यहां पहुंचा था। वे सऊदी अरब से लौटे थे। विमान में सरकार के नए कैबिनेट मंत्री भी थे। विमान में कितने मंत्री थे, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।

सऊदी मीडिया के मुताबिक, प्रधानमंत्री समेत सभी मंत्रियों को सुरक्षित प्रेसिडेंशियल पैलेस पहुंचा दिया गया है। प्रधानमंत्री मीन ने ट्वीट के जरिए सुरक्षित होने की पु्ष्टि की है। उन्होंने लिखा, ‘हम और सरकार के सदस्य अदन की अस्थायी राजधानी में हैं। सब कुछ ठीक है।’ उन्होंने कहा- अदन एयरपोर्ट को निशाना बनाकर किया गया यह कायर आतंकी हमला उस युद्ध का हिस्सा है, जो यमन राज्य और इसके महान लोगों के खिलाफ छेड़ा गया है। इस बीच, यमन के सूचना मंत्री मोमार अल इरयानी ने हमले के पीछे हूथी विद्रोहियों का हाथ होने का शक जताया है। बता दें कि यमन में लंबे समय से गृहयुद्ध चल रहा है। गौरतलब है कि पीएम सईद के नए मंत्रिमंडल को राष्ट्रपति अब्द रब्बो मंसूर हादी के प्रति वफादार बलों और अलगाववादी सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल के बीच जारी दरार को ठीक करने के मकसद गठित किया गया था। सरकार ने इस कैबिनेट के जरिए दोनों पक्षों के बीच मतभेदों को दूर करने के प्रयास किया था। सईद सरकार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता हासिल है। कई साल से चल रहे गृहयुद्ध के दौरान वह ज्यादातर वक्त निर्वासित रहे। यह सरकार सऊदी अरब की राजधानी रियाद से काम कर रही थी। लगभग दो करोड़ आबादी वाले यमन की सीमा सऊदी अरब और ओमान से मिलती है। इसकी सीमा में 200 से ज्यादा द्वीप भी शामिल हैं। यह देश 2015 से गृहयुद्ध की मार झेल रहा है। यह युद्ध देश के पूर्व और अभी के राष्ट्रपति के वफादार गुटों के बीच चल रहा है।

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