पाक को झटका, एफएटीएफ की ‘ग्रे लिस्ट’ में बना रहेगा

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान को एक और झटका लगा है। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने पाकिस्तान को फिलहाल ग्रे लिस्ट में बनाए रखने का फैसला किया है। एफएटीएफ का मानना है कि पाकिस्तान लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों को मिलेने वाली फंडिंग पर नकेल कसने में नाकाम रहा। इस तरह आतंकी सगठनों पर आधी अधूरी और दिखावटी कार्रवाई करके ग्रे लिस्ट से बाहर होने की पाकिस्तान की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। ग्रे लिस्ट में रखे जाने का मतलब है कि पाकिस्तान को अभी वह आर्थिक मदद नहीं मिलेगी, जिसकी आस वह दूसरे देशों से लगाए बैठा है। भारत की मांग है कि पाकिस्तान आतंकी संगठनों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें पनाह दे रहा है, इसलिए उसे काली सूची में डाल देना चाहिए। बैठक से ठीक पहले भारत ने कहा था कि पाकिस्तान द्वारा आतंकी संगठनों और मसूद अजहर, जकीउर रहमान लखवी जैसे संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकवादियों को सुरक्षित वातावरण मुहैया कराना जाना जारी है।

कोविड-19 के कारण एफएटीएफ का अधिवेशन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुआ। इसकी अध्यक्षता चीन के शियांगमिन लिऊ ने की। इस बैठक में इस बात का फैसला होना था कि पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में रखा जाएगा या ब्लैक लिस्ट में डाला जाएगा। एफएटीएफ ने ‘ग्रे’ जारी रखने का फैसला किया। इससे पहले फरवरी में भी पाकिस्तान एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट से बाहर निकलने में विफल रहा था। पाकिस्तान पर आरोप था कि वह लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों को फंड देता है। इसके बाद पाकिस्तान को जून 2020 तक का समय दिया गया था। उसे 27 प्वाइंट एक्शन प्लान पर काम करने को कहा गया था, लेकिन वह विफल रहा। एफएटीएफ का फैसला उस रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें आतंकवाद रोकने में असफल रहने पर पाकिस्तान की आलोचना की गई थी। इसमें कहा गया था कि पाकिस्तान आतंकी संगठनों को अपनी जमीन से आतंकी गतिविधियां चलाने में मदद कर रहा है। बता दें कि आतंकवाद को समर्थन देने के कारण एफएटीएफ ने पिछले साल अक्टूबर में पाकिस्तान को ग्रे-लिस्ट में डाला था। ग्रे लिस्ट में बना रहना प्रधानमंत्री इमरान खान के लिए मुश्किल बढ़ा सकता है। इमरान के खिलाफ पाकिस्तान में माहौल बनने लगा है। तमाम विपक्षी दल एकजुट हो रहे हैं। यहां तक कहा जा रहा है कि अब तक इमरान खान का साथ देने वाली सेना भी अब पीछे हटने लगी है।

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