अमेरिकी इतिहास का काला दिन, संसद में घुसे ट्रंप समर्थकों का हंगामा, चार मरे

नई दिल्ली। अमेरिकी लोकतंत्र में गुरुवार का दिन ब्लैक डे रहा। डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति चुनावों में अपनी हार नहीं पचा पा रहे हैं। इसलिए उनके समर्थकों ने विरोध की सारी सीमाएं लांघते हुए अमेरिकी संसद में जबरन घुस गए। भारी हिंसा करने लगे। इस दौरान हुई गोलीबारी में एक महिला समेत चार लोगों की मौत हो गई है। पुलिस ने भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया है। मिलिट्री की स्पेशल यूनिट ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया है। फिलहाल वाशिंगटन डीसी में कर्फ्यू लगा दिया गया है। यह सब तब हुआ जब इलेक्टोरल कॉलेज के वोटों की गिनती और जो बाइडेन की जीत पर मुहर लगाने के लिए अमेरिकी संसद के दोनों सदन यानी सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेंजेंटेटिव की बैठक चल रही थी। भारी हंगामे के बीच अमेरिकी कांग्रेस ने जो बाइडेन की जीत पर मुहर लगा दी। अमेरिकी कांग्रेस के मुताबिक, बाइडेन को 306 इलेक्टोरल वोट मिले हैं, जबकि ट्रंप को 232 वोट ही मिले हैं। इसलिए बाइडेन अब 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे। इस घटनाक्रम के लेकर पूरी दुनिया में ट्रंप की थू-थू हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी चिंता जताई है। कहा-वाशिंगटन डीसी में दंगों और हिंसा के बारे में समाचार सुनकर आहत हूं। सत्ता का शांतिपूर्ण हस्तांतरण जारी रहना चाहिए। लोकतांत्रिक प्रक्रिया को गैरकानूनी विरोध प्रदर्शन के माध्यम से प्रभावित नहीं होने दिया जा सकता है।

ट्रंप समर्थकों की हरकत के खिलाफ अमेरिकी सांसदों में गुस्सा है। कहा जा रहा है कि सभी मिलकर अमेरिकी संविधान की विशेष धारा 25 के तहत मौजूदा राष्ट्रपति ट्रंप को समय से पहले पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि इसके लिए दोनों सदनों में दो तिहाई बहुमत अनिवार्य होगा। सभी सांसद इस पर चर्चा कर रहे हैं। बाइडेन ने कहा है कि, लोकतंत्र अप्रत्याशित रूप से खतरे में है। मैं राष्ट्रपति ट्रंप से अपील कर रहा हूं कि वह नेशनल टीवी पर जाएं और अपनी शपथ का पालन करते हुए संविधान की रक्षा करें और कैपिटल को कब्जे से मुक्त कराएं। कैपिटल में घुसकर खिड़कियां तोड़ना, फ्लोर पर कब्जा कर लेना और उथल-पुथल मचाना विरोध नहीं, दंगा है। जो बाइडेन की इस अपील के बाद ट्रंप ने अपने समर्थकों से शांत रहने की अपील की। इसके बाद हिंसा पर उतारू ट्रंप समर्थक अपने घरों से चले गए। हालांकि ट्रंप ने फिर कहा कि चुनावों में उनकी जीत हुई है और उपराष्ट्रपति को चाहिए कि वे बाइडेन की हार का एलान करें।

बताया जा रहा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप को 25वें संविधान संशोधन के जरिए गुरुवार को ही हटाया जा सकता है। अमेरिका के अटॉर्नी जनरल ने उपराष्ट्पति माइक पेंस से कहा है कि 25वें संविधान संशोधन के जरिए ट्रंप को हटाने की प्रक्रिया फौरन शुरू की जाए। बता दें कि राष्ट्रपति चुनाव में जीत पर मुहर लगाने के लिए कांग्रेस यानी अमेरिकी संसद का संयुक्त सत्र बुलाया जाता है। इसकी अध्यक्षता उप राष्ट्रपति करते हैं। इसलिए ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी से होने के बावजूद उपराष्ट्रपति पेंस ही संयुक्त सत्र को चला रहे हैं। हंगामे से पेंस भी बेहद नाराज हैं। उन्होंने भी इस घटना को अमेरिकी इतिहास का सबसे काला दिन कहा है। यही कारण है कि ट्रंप की अपनी पार्टी के कई दूसरे नेता भी इस हरकत की निंदा कर रहे हैं। रिपब्लिकन सीनेटर मिट रोमनी ने कहा- मैं इस घटना की निंदा करता हूं। मैं शर्मिंदा हूं कि हमारे राष्ट्रपति ने दंगाइयों को संसद में घुसने के लिए भड़काया। मैं अपनी पार्टी के सहयोगियों से भी यही उम्मीद करता हूं कि वे लोकतंत्र को बचाने के लिए आगे आएंगे। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा- इतिहास आज का दिन याद रखेगा। एक मौजूदा राष्ट्रपति कैसे अपनी जिद और झूठे दावों को लेकर पद पर बने रहने के लिए गैरकानूनी तरीके अपना रहा है। यह पल हमारे अमेरिका के लिए शर्म और अपमान का है। ‘बहरहाल, संसद में हंगामे के बाद ट्रंप के कई करीबियों के इस्तीफा देने की खबर है। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी और सोशल सेक्रेटरी ने इस्तीफा दे दिया है। गौरतलब है कि नवंबर में हुए अमेरिकी चुनाव में डेमोक्रेट उम्मीदवार जो बाइडेन को 306 और ट्रंप को 232 वोट मिले थे। नतीजे साफ होने के बावजूद ट्रंप ने हार नहीं मानी। उनका आरोप है कि वोटिंग के दौरान और फिर काउंटिंग में बड़े पैमाने पर धांधली हुई। इसलिए उन्होंने कई राज्यों में केस दर्ज कराए। ज्यादातर में ट्रंप समर्थकों की अपील खारिज हो गई। दो मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी याचिकाएं खारिज कर दीं।

फेसबुक ने वीडियो हटाया, ट्विटर ने प्रतिबंध लगाया

हिंसा के बीच फेसबुक ने डोनाल्ड ट्रंप का एक वीडियो साइट से हटा दिया है। इस वीडियो में ट्रंप अपने समर्थकों को संबोधित करते दिख रहे थे। फेसबुक के वाइस प्रेसिडेंट ने कहा कि ऐसा करने से हिंसा में कमी लाने में मदद मिलेगी। वहीं, टि्वटर और इंस्टाग्राम ने ट्रंप का अकाउंट फिलहाल सस्पेंड कर दिया है।

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