जदयू में बगावत, पूर्व विधान पार्षद विनोद चौधरी उतरे मैदान में

विमलनाथ झा, दरभंगा। विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन के आखिरी दिन सोमवार को दरभंगा शिक्षक क्षेत्र में छह और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में आठ ने पर्चा दाखिल किया। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से नामांकन करने वाले स्वतंत्र अभ्यार्थियों में रामबाबू साह, विनोद कुमार सिंह, अनिल कुमार चौधरी, नीलम कुमारी, अरुण कुमार और डॉ. मोख्तार अहमद शामिल हैं। स्नातक क्षेत्र से पर्चा भरने वालों में कांग्रेस से संजय कुमार मिश्र, राजद से अनिल कुमार झा भी हैं। स्वतंत्र अभ्यर्थी के रूप में पूर्व विधान पार्षद डॉ. विनोद कुमार चौधरी, कृष्ण मोहन चौधरी, मुनेश्वर यादव, सिकंदर राय, ब्रह्मदेव यादव और मुनींद्र प्रसाद यादव की ओर से पर्चा भरा गया। इधर, तीन अभ्यार्थियों ने नाजिर रसीद कटवाया। इनमें शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए अरुण कुमार और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए ब्रह्मदेव यादव के अलावा सिकंदर पासवान शामिल हैं। बता दें कि बिहार विधान परिषद के दरभंगा स्नातक-5 के साथ-साथ दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र-5 के लिए 22 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे। 

दरभंगा स्नातक क्षेत्र संख्या-5 में प्रत्याशी को लेकर सत्तारूढ़ जनता दल-यू में बगावत हो ही गई। 2015 में जदयू के विधान पार्षद डॉ. विनोद कुमार चौधरी को पराजित कर जीते कांग्रेसी विधान पार्षद डॉ. दिलीप चौधरी दो वर्ष पूर्व जदयू में चले गए थे। इस बार जदयू ने डॉ. दिलीप को ही अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया। इससे नाराज होकर डॉ. विनोद चौधरी भी चुनाव मैदान में उतर गए हैं। पर्चा दाखिल करने के बाद उन्होंने बिहार में सही मायने में विकास की जरूरत बताई। कहा- बदलाव के लिए मैं चुनाव मैदान में उतर रहा हूं। जनता अब फैसला करेगी। बता दें कि डॉ. विनोद चौधरी बिहार की राजनीति में नई-नई आईं चर्चित पुष्पम प्रिया के पिता हैं। पुष्पम ने प्लुरल्स पार्टी बनाकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सीधे चुनौती देने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि करीब दो दशक से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का डॉ. विनोद के परिवार के साथ गहरा संबंध रहा है। समता पार्टी के समय से ही डॉ. विनोद के पिता प्रो. उमाकांत चौधरी का नीतीश कुमार से अंतरंग संबंध रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रो.उमाकांत को हायाघाट विधानसभा क्षेत्र से दो बार प्रत्याशी भी बनाया। लेकिन उन्हें एक बार भी सफलता नहीं मिली। उनके निधन के बाद 2010 में स्नातक क्षेत्र संख्या-5 से डॉ. विनोद को जदयू प्रत्याशी बनाया गया। वे जीते भी। डॉ. विनोद के परिवार से मुख्यमंत्री की निकटता ऐसी है कि जब वे रेलमंत्री थे, तब भी दरभंगा प्रवास के दौरान सर्किट हाउस के बदले डॉ. विनोद के यहां ही रात्रि विश्राम करते थे। मुख्यमंत्री के रूप में भी वे दरभंगा आने पर कई बार उनके घर रात में भोजन के लिए गए। करीब दो वर्ष पूर्व जदयू के सांगठनिक चुनाव में डॉ.विनोद के अनुज डॉ. विनय चौधरी उर्फ अजय को जिलाध्यक्ष की जिम्मेवारी दी गई। वे अभी भी पार्टी के सांगठनिक कार्य कुशलता से चला रहे हैं। अभी तक की सूचना के मुताबिक, उन्हें बेनीपुर से जदयू प्रत्याशी बनाया जा रहा है।

———-

बेटी पुष्पम प्रिया का समर्थन करेंगे

डॉ.विनोद चौधरी ने कहा कि पार्टी में उन्हें सम्मान नहीं मिला। जहां सम्मान नहीं मिले, वहां रह कर क्या फायदा? एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार विकास का ढिंढोरा पिटती है। छह महीने से मैं लगातार फेसबुक और ट्विटर के माध्यम से विकास पर सरकार की पोल खोल रहा हूं। अब अपनी बेटी पुष्पम प्रिया के प्लुरल्स पार्टी का खुल कर समर्थन करूंगा। मैं अपनी बेटी को बिहार का मुख्यमंत्री बनते देखना चाहता हूं।

——–

चाहता हूं मिथिला का विकास : संजय

दरभंगा स्नातक क्षेत्र से विपक्षी महागठबंधन के प्रदेश कांग्रेस नेता संजय कुमार मिश्रा ने पर्चा भरा। नामांकन के लिए जब वह पहुंचे तो उनके साथ दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर के अलावा बेगूसराय तक के कार्यकर्ता थे। नामांकन के बाद उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता मिथिला का विकास होगी। शिक्षा की गिरती व्यवस्था को सुधारना, वित्तरहित शिक्षक कर्मियों की समस्या, स्नातक बेरोजगारों की समस्या आदि शिक्षा जगत से जुड़े सभी समस्याओं पर काम करुंगा। गौरतलब है कि दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा पहले ही पर्चा भर चुके हैं। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *