मिथिला यूनिवर्सिटी में 18 अरब के घाटे का बजट मंजूर

दरभंगा। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय की सीनेट की बैठक में 17 अरब, 93 करोड़, 72 लाख, 96 हजार, 185 रुपये की घाटे के बजट को स्वीकृति दे दी गई। बजट प्रतिकुलपति प्रो. डॉली सिन्हा ने बजट पेश किया।

वैसे वर्ष 2021-2022 में 18 अरब, 82 करोड़, 52 लाख, 4 हजार, 760 रुपये के खर्च का अनुमान लगाया गया है। इसमें विश्वविद्यालय के निजी स्रोतों के अलावे अंगीभूत कॉलेजें से प्राप्त होने वाली कुल आय 26 करोड़, 37 लाख, 45 हजार, 693 और स्वपोषित संस्थानों से प्राप्त होने वाली कुल आय 62 करोड़, 41 लाख, 62 हजार, 882 रुपये का अनुमान लगाया गया है। इसलिए कुल आय 88 करोड़, 79 लाख, 8 हजार, 575 रुपये का अनुमान है। प्रतिकुलपति ने नौ खंडों में जो बजट प्रस्तुत किया है, उसमें विश्वविद्यालय के अनुसांगिक इकाइयों यानी स्पोर्ट्स परीक्षा, डब्ल्यूआईटी, अभियंत्रण शाखा, भू-संपदा विभाग, छात्रावास, एमबीए, दूरस्थ शिक्षा निदेशालय, बायोटेक्नोलॉजी, विदेशी भाषा आदि के उन्नयन के लिए 2 अरब, 62 करोड़, 25 लाख, 9 हजार, 370 रुपये का उपबंध किया गया है। जबकि आकस्मिकता और अन्य खर्च के लिए 50 करोड़, 1 लाख, 14 हजार, 989 रुपये का प्रावधान किया गया है।

वेंटिलेटर पर है एलएनएमयू का दूरस्थ शिक्षा : कुलपति

इससे पहले कुलपति प्रो. सुरेंद्र प्रताप सिंह ने सीनेट की बैठक में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर दिया। कहा कि नैक से पूर्व में दो बार ग्रेडिंग हो चुकी है, लेकिन वह उत्साहवर्धक नहीं है। लॉकाडाउन के कारण जून में मूल्यांकन नहीं कराया जा सका। यह हमारे सामने गंभीर चुनौती है। अगर यही स्थिति बनी रही, तो दूरस्थ शिक्षा बंद हो जाएगी। अभी उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। ना ही अभी उसे जीवित कह सकते हैं और ना ही मृत। इसे जिंदा करना है। कुलपति ने कहा कि बीपीएड की शुरुआत हमारी प्राथमिकता सूची में है। शिक्षा में नवीनता के लिए परिवर्तन लाने होंगे। हमें नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप काम करना होगा। पुस्तकालयों को ठीक करना होगा। कहा, ई-लाइब्रेरी की स्थापना समय की मांग है। प्रयोगशालाओं को ठीक करने योजना है। उन्होंने कहा कि पीएचडी की गुणवत्ता के लिए एक जनवरी से शोध गंगा पर शोध प्रबंधों को अपलोड किया जाएगा। कुलपति ने कहा कि 2022 ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय का स्वर्ण जयंती वर्ष है। उसी वर्ष ललित बाबू का जन्मशती वर्ष भी आरंभ होगा। ऐसे में मिथिला की गौरवाशाली परंपरा के अनुरूप हम मिथिला विश्वविद्यालय की स्वर्ण जयंती और ललित बाबू जन्मशती का आयोजन करेंगे। इसे देखते हुए परिसर के सौन्दर्यीकरण की है।

कार्यक्रम का संचालन कुलसचिव डॉ. मुश्ताक अहमद ने किया। इस मौके पर पूर्व कुलपति डॉ. समरेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. दिलीप कुमार चौधरी, विधायक संजय सरावगी, प्रो. विनोद कुमार चौधरी, डॉ. अमर कुमार, प्रो. अशोक कुमार मेहता, फैयाज अहमद, बैद्यनाथ चौधरी बैजू, डॉ. हरिनारायण सिंह सहित अधिक सदस्य मौजूद थे।

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