दरभंगा में दाखिल खारिज और राजस्व विभाग के कार्यों में बहादुरपुर फिसड्डी

दीपक कुमार झा, दरभंगा। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम की अध्यक्षता में उनके कार्यालय में शुक्रवार को दाखिल खारिज के लंबित मामले एवं राजस्व कार्यों की प्रगति को लेकर मैराथन बैठक हुई। इसमें दाखिल खारिज के लंबित मामलों की विशेष समीक्षा की गई। खासकर उन अंचलों की जिन हलकों में 63 दिन से ज्यादा के मामले लंबित पाए गए। उन्हें एक सप्ताह से सभी लंबित मामलों को शून्य करने और 21 दिन से पुराने के जितने भी लंबित मामले हैं, उन्हें 15 दिनों में समाप्त करने को कहा गया। बाकी में से 50 प्रतिशत मामलों का निष्पादन एक सप्ताह में करने का निर्देश दिया गया। उल्लेखनीय है कि राजस्व विभाग के पोर्टल पर 21 दिन से अधिक और 63 दिन से अधिक के लंबित दाखिल खारिज के मामले प्रदर्शित होते रहते हैं।

जिन अंचलों में दाखिल खारिज की स्थिड्डीति खराब रही, उनमें एक नंबर पर बहादुरपुर अंचल रहा। बहादुरपुर अंचल के बाजितपुर में 63 दिन से अधिक वाले 105 मामले लंबित पाए गए। भूमि सुधार उप समाहर्ता, सदर को बाजितपुर जाकर जांच करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे कर्मचारी को बर्खास्त किया जाना चाहिए जिनकी वजह से सरकार की छवि खराब होती है। इसके साथ ही खराजपुर, तारालाही, दिलावरपुर, उझौल, बड़वारा हल्के की स्थिति भी अच्छी नहीं पाई गई। दाखिल खारिज के मामलों के निष्पादन में खराब प्रदर्शन वाले अंचलों में दूसरे नंबर पर सिंहवाड़ा रहा। वहां के कटका, निस्ता, सनहपुर हल्के की स्थिति खराब पाई गई और संबंधित कर्मचारी को एक सप्ताह के अंदर सभी मामलों का निष्पादन करने का निर्देश दिया गया। इस पर जिलाधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारी नौकरी में यदि रहना है तो आपको काम करना होगा। यदि बिचौलियों के द्वारा काम कराए जाने की शिकायत पाई जाती है, तो कार्रवाई होगी। उन्होंने डीसीएलआर, सदर को सबसे खराब प्रदर्शन वाले हल्का की जांच करने का निर्देश दिया।

दरभंगा सदर में खराब प्रदर्शन वाले हल्का नंबर- 9, हल्का नंबर -7 और हल्का नंबर -6 की समीक्षा की गई। इन हलकों में भी 63 दिन से अधिक के दाखिल खारिज के अत्यधिक मामले लंबित पाए गए। संबंधित कर्मचारियों को एक सप्ताह के अंदर इन मामलों का निष्पादन करने का निर्देश दिया गया। कुशेश्वरस्थान अंचल के हिरनी व औराही हल्का जाले अंचल के जाले पूर्वी, रतनपुर, सहासपुर, कछुआ, बिरौल अंचल के पोखराम दक्षिणी और कछुआ में दाखिल खारिज की स्थिति खराब पाई गई।

परिमार्जन पोर्टल की समीक्षा के दौरान तारडीह अंचल में शत-प्रतिशत निष्पादन पाया गया। वहीं केवटी में 98 प्रतिशत शिकायतों का निष्पादन पाया गया। वहीं जाले अंचल का प्रदर्शन सर्वाधिक खराब रहा। बहादुरपुर में 6 प्रतिशत शिकायतों का ही निपटारा पाया गया। जिलाधिकारी ने अतिशीघ्र परिमार्जन पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का निष्पादन करने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि भू अभिलेख के ऑनलाइन प्रविष्टि में नाम, खाता व खेसरा की प्रविष्टि यदि गलत पाई जाती है,तो परिमार्जन पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत की जाती है। जिलाधिकारी ने दरभंगा के सभी डीसीएलआर को सप्ताह में चार-पांच दिन क्षेत्र भ्रमण कर वैसे हलके की जांच करने को कहा जिनका प्रदर्शन काफी खराब है।

जिलाधिकारी ने सरकारी जमीन के अतिक्रमण के मामले में सदर एवं बहादुरपुर अंचल को विशेष हिदायत दी। कहा कि सरकारी जमीन और सरकारी पोखर पर यदि अतिक्रमण पाया जाता है, तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दरभंगा- समस्तीपुर उच्च पथ का निर्माण कार्य हो रहा है। एयरपोर्ट बन गया है, इसलिए भूमाफिया सक्रिय हो सकते हैं। संबंधित अंचलाधिकारी और कर्मचारी इस पर ध्यान देंगे।

बैठक में अपर समाहर्ता विभूति रंजन चौधरी, उप निदेशक जन संपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, डीसीएलआर सदर मो. सादुल हसन, अंचलाधिकारी केवटी उपस्थित थे।

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