लापरवाही पर दरभंगा के डीएम ने सिविल सर्जन के वेतन पर लगाई रोक

दरभंगा। जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एसएम ने काम में ढिलाई के कारण दरभंगा के सिविल सर्जन डॉक्टर संजीव कुमार सिन्हा और सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के प्रभारियों के वेतन रोक दिए हैं। उन्होंने यह सख्त कदम गर्भवती महिलाओं के इलाज से संबंधित वंडर ऐप के अपडेट नहीं होने पर उठाया। जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को तीन दिनों का समय देते हुए बुधवार तक वंडर ऐप को अपडेट करने के निर्देश दिए हैं।

शनिवार को जिलाधिकारी ने गर्भवती महिलाओं की सुविधा के लिए बनाए गए वंडर ऐप की प्रगति को लेकर बैठक की थी। इसमें कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का प्रदर्शन बहुत खराब पाया गया। खराब प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों में बहादुरपुर, हायाघाट, बेनीपुर, किरतपुर, सतीघाट और सिंहवाड़ा खास तौर पर शामिल हैं। समीक्षा के दौरान जिले में कार्यरत केयर संस्था की जिला समन्वयक श्रद्धा झा ने बताया कि 24 नवंबर की बैठक में गर्भवती महिलाओं के आंकड़े वंडर ऐप पर डालने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने बताया कि अब तक 1959 गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण किया गया है। लेकिन वंडर ऐप पर अपलोड करने की प्रगति धीमी है। समस्याग्रस्त गर्भवती ऐसी महिलाएं जिन्हें पीएचसी से डीएमसीएच रेफर किया गया है, उनकी भी प्रविष्टि कई प्रखंडों में नहीं की गई है। वंडर ऐप के लिए निबंधित गर्भवती महिलाओं में से अब तक 313 समस्याग्रस्त महिलाओं की पहचान की गई है। इनमें से 221 को बेहतर इलाज के लिए विभिन्न पीएचसी से उच्च संस्थानों को रेफर किया गया है। लेकिन, वंडर ऐप के माध्यम से 97 रेफर ही दिख रहा है। इसके बाद जिलाधिकारी ने बहादुरपुर, हायाघाट, बेनीपुर, किरतपुर, सतीघाट और सिंहवाड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं बीएचएम का वेतन अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया। साथ ही सिविल सर्जन डॉक्टर संजीव कुमार सिन्हा का वेतन भी स्वास्थ्य विभाग के कार्यों का ठीक से निगरानी नहीं करने के कारण स्थगित कर दिया गया।

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