35 लाख पर मान गईं नीलगायें, दरभंगा से विमान सेवा की बाधा दूर

अंशुमान, दरभंगा। दरभंगा एयरपोर्ट की जमीनी हकीकत पर उठते सवालों से चिंतित होने वालों के लिए राहत की खबर है। आठ नवंबर से विमान सेवा शुरू करने में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए युद्धस्तर पर काम शुरू हो गया है। इस सिलसिले में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों के साथ जिला प्रशासन की बैठक में कई निर्णय लिए गए। नीलगायों को लेकर जो सबसे बड़ी बाधा उपस्थित हो गई थी, उसका भी निदान निकाल लिया गया है। 11 किलोमीटर क्षेत्र में फैले एयरपोर्ट में चरने के लिए आतीं सौ से अधिक नीलगायों को निकालने का काम वन विभाग को दे दिया गया है। विभाग को नीलगायों को हटाने के लिए 35 लाख का भुगतान एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से किया जाएगा। पहले इसे जिला प्रशासन के सिर लादा जा रहा था।
जिला प्रशासन के साथ बैठक में भाग लेने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारी लखनऊ से आए थे। एयरपोर्ट पर चाहरदीवार के अधूरे कामों को भी एयरपोर्ट अथॉरिटी ही पूरा करा लेगी। इन कामों के लिए 31 अक्तूबर तक की समयसीमा दी गई है। बता दें कि दीवार नहीं होने से नीलगायें बेरोकटोक आती-जाती रहती हैं। विमान सेवा शुरू करने से पहले इन नीलगायों को हटाना जरूरी है। वरना रनवे पर इनके अचानक आ जाने से हमेशा बड़े हादसे का डर रहेगा। लखनऊ से आए अधिकारियों ने हवा में विमान को दिशा दिखाने वाले डीवीओआर नामक सिस्टम नहीं लग पाने से उत्पन्न स्थिति पर गहन मंथन किया। यह सिस्टम दरअसल टेंडर रद्द हो जाने के कारण नहीं लग पा रहा है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के सूत्रों के मुताबिक, जब तक दरभंगा एयरपोर्ट का अपना डीवीओआर सिस्टम नहीं लग जाता, तब तब लखनऊ एयरपोर्ट से यह सुविधा साझा की जाएगी।
ऐसे में अब लगता है कि दीपावली और छठ मनाने के लिए विमान से दरभंगा आने-जाने का सपना पूरा हो जाएगा। दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु के लिए स्पाइस जेट की दोतरफा बुकिंग जोरों पर है।

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