उपचुनावों में भाजपा का जलवा

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में 28 विधानसभा क्षेत्रों में हुए उपचुनाव से स्थिति एकदम साफ हो गई है। भारतीय जनता पार्टी की शिवराज सिंह सरकार मजबूती से चलती रहेगी। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की फिलहाल सत्ता में कतई वापसी नहीं होगी। उन्हें विपक्ष में ही बैठना पड़ेगा। इसलिए कि अब तक की वोटों की गिनती में भाजपा 28 में से 19 सीटें जहां जीत ली है। कांग्रेस को सात सीटें मिली हैं। दो के नतीजे आने बाकी हैं। इस शानदार जीत पर गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को बधाई दी है।
बता दें कि इसी वर्ष मार्च में ज्योतिरादित्य सिंधिया 22 विधायकों के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। उसके बाद तीन और विधायक भाजपा में चले गए थे। इसके अलावा तीन मौजूदा विधायकों के निधन से भी तीन सीटें खाली हो गई थीं। इस बीच, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने ईवीएम से छेड़छाड़ का आरोप लगाया। इस पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भले मेरी जान चली जाए, लेकिन जनता का विश्वास नहीं टूटने दूंगा। वहीं, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि इन नतीजों ने बता दिया है कि कमलनाथ और दिग्विजय सिंह गद्दार हैं।

यूपी में भी भगवा लहर :

उत्तर प्रदेश की सात विधानसभा सीटों के लिए भी उपचुनाव के नतीजे आ गए हैं। प्रदेश में 403 सदस्यों वाली विधानसभा की सात रिक्त सीटों में से अमरोहा की नौगावां सादात, बुलंदशहर, उन्नाव की बांगरमऊ, कानपुर की घाटमपुर, फिरोजाबाद की टूंडला, देवरिया और जौनपुर की मल्हनी सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की है। जौनपुर की मल्हनी विधानसभा सीट सपा के खाते में गई है। उन्नाव की बांगरमऊ में अंतिम 37वें राउंड की मतगणना पूरी होने के बाद भाजपा प्रत्याशी श्रीकांत कटियार ने 31380 वोटों से जीत दर्ज कर ली है। अमरोहा की नौगांवा सादात में भाजपा प्रत्याशी संगीता चौहान ने 15077 मतों से जीत हासिल की है। वह दिवंगत कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान की पत्नी हैं। इन नतीजों से उत्तर प्रदेश की मौजूदा सरकार पर कोई असर नहीं पड़ेगा। जीत से यह संदेश जरूर गया कि लोग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कामकाज से खुश हैं।

गुजरात में भी एकतरफा जीत के आसार :

गुजरात में आठ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए हैं। ये सभी सीटें भाजपा ने जीत ली है। कांग्रेस मुस्लिम बहुल अपनी परंपरागत सीट अबडासा पर तीसरे स्‍थान पर रही। कांग्रेस अपने कब्जे वाली अबडासा, गढडा, लींबडी, मोरबी, धारी, करजण, कपराडा और डांग सभी सीटों पर हार गई। हालांकि इन उपचुनाव परिणामों का गुजरात की भाजपा सरकार पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है। लेकिन कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का सबसे बड़ा प्रश्न है। इसलिए कि इन आठ सीटों पर उपचुनाव उसके विधायकों के इस्तीफे का कारण ही हुआ था। ये आठ कांग्रेस विधायक इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो गए थे। इस जीत का असर अब 33 जिला पंचायतों, करीब 150 नगर पालिकाओं और छह महानगर पालिका चुनाव पर पड़ सकता है।

मणिपुर में पांच में से चार पर भाजपा :

मणिपुर की पांच विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में भाजपा चार पर जीत गई है। एक सीट पर निर्दलीय ने जीत हासिल की है। लिलोंग विधानसभा सीट पर निर्दलीय वाई अंतस खान ने 3078 वोट के अंतर से जीत हासिल की। वहीं, वांगोई सीट पर भाजपा के ओइनम लुखोई सिंह 257 वोट के अंतर से जीते। वांगजिंग तेंथा सीट पर भाजपा के पाओनम ब्रोजन सिंह 1560 मतों से जीते। सैतु सीट से भाजपा के गामथांग हाओकिप ने 12,257 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। इसके अलावा सिंघाट सीट से भाजपा उम्मीदवार गिनसुआनहाउ ने जीत हासिल की। उधर, नगालैंड में राष्ट्रवादी डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी और निर्दलीय ने एक-एक सीट पर जीत हासिल की है।

झारखंड में कांग्रेस और झामुमो को एक-एक :

झारखंड की दो विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में एक सीट पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की। दूसरी सीट पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रत्याशी विजयी रहे। प्रदेश की बरमो सीट पर कांग्रेस के कुमार जयमंगल उर्फ अनूप सिंह ने और दुमका सीट पर झामुमो के बसंत सोरेन ने जीत हासिल की।

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