दरभंगा में दस का होगा बीस

अंशुमान, दरभंगा। कुल तीन खिलाड़ी वाले बिहार में दो खिलाड़ियों के हाथ मिलाते ही तीसरे की हार हो जाती है। पिछली बार यानी 2015 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू ने जैसे ही दूसरे खिलाड़ी यानी लालू प्रसाद के राजद से हाथ मिलाया, तीसरे खिलाड़ी यानी भाजपा की हार हो गई। इसी तरह 2010 में जदयू-भाजपा ने गठबंधन कर तीसरे खिलाड़ी राजद को पटखनी दे दी थी। इसीलिए बिहार में 2020 का विधानसभा चुनाव 2010 की तर्ज पर ही जाता दिख रहा है। इसलिए भी कि विपक्षी महागठबंधन में गांठें इस कदर खुलती गईं कि तीसरा मोर्चा और खुल गया।

दो खिलाड़ी मिलकर कैसे तीसरे को पटखनी दे देते हैं, इसे दरभंगा कमिश्नरी के चुनावी समीकरणों से समझा जा सकता है। इस कमिश्नरी में तीन जिले हैं-दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर। राज्य की कुल 243 सीटों में से 30 सीटें इन तीन जिलों में हैं। 2010 में भाजपा और जदयू ने दरभंगा कमिश्नरी को अपना गढ़ बनाया था। 2015 में जदयू के साथ मिलकर राजद ने गढ़ बना लिया था। पिछले चुनाव में यहां भाजपा तीन सीट ही जीत सकी थी। लालू प्रसाद की पार्टी राजद को 11 और नीतीश की पार्टी जदयू को 12 सीटें मिली थीं। दो खिलाड़ियों के साथ रहने का लाभ कांग्रेस को भी एक सीट जीतने से हासिल हुआ था। इस बार समीकरण बदल गया है। कहना ही होगा कि 2010 वाले दोनों खिलाड़ी नए दम-खम के साथ 2020 में फिर परचम लहरा सकते हैं। इसलिए इस बार के परिणामों का अनुमान आसानी से लगाया जा सकता है।

जातिगत समीकरण

दरभंगा में अगर जातीय समीकरण देखें तो ब्राह्मण सबसे अधिक हैं। 20 फीसद से ऊपर। इसी तरह भूमिहार लगभग चार तो पांच प्रतिशत वैश्य बताये जाते हैं। ये लगभग 30 प्रतिशत भाजपा-जदयू के वोट बैंक माने जाते हैं। राजद की अगुआई वाले विपक्षी महागठबंधन के पास भी परंपरागत 30 प्रतिशत का वोट बैंक है। इनमें 16 प्रतिशत से अधिक मुस्लिम और लगभग 13 प्रतिशत यादव हैं। असली लड़ाई बाकी 40 प्रतिशत की है। इनमें 12 प्रतिशत जहां अनुसूचित जाति के मतदाता हैं, वहीं शेष अन्य पिछड़ी व दलित जातियां हैं।

पेट पर भारी जात-पात

ज्ञान का भंडार माने जाने वाले मिथिलांचल का दुर्भाग्य ही है कि यहां कभी रोजगार या बंद पड़े कल-कारखाने को चुनावी मुद्दा नहीं बनाया जाता। दरअसल, बौद्धिक रूप से बेहद संपन्न मिथिला का अपना मिजाज कुछ अलग ही रहता है। तमाम कल-कारखाने हर साल बाढ़ से त्रस्त दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर में तीन-चार दशकों से बंद पड़े हैं। फिर भी कोई इसे मुद्दा नहीं बनाता। जात-पात में उलझी जनता को भी इसकी कतई कोई चिंता नहीं कि भावी पीढ़ी का क्या होगा।

दरभंगा में लगभग 28 लाख मतदाता

दरभंगा जिले की दस विधानसभा सीटों के लिए कुल 27 लाख, 72 हजार 250 मतदाता हैं। इनमें 14 लाख 66 हजार 962 पुरुष हैं। महिला वोटरों की संख्या 13 लाख पांच हजार 241 है। वैसे जिले में 47 मतदाता थर्ड जेंडर से भी हैं।

दरभंगा में 3 नवंबर को यहां पड़ेंगे वोट

1.       कुशेश्वरस्थान (सुरक्षित)

2.        गौड़ाबौड़ाम

3.       बेनीपुर

4.       अलीनगर

5.       दरभंगा (ग्रामीण)

7 नवंबर को यहां पड़ेंगे वोट

1.       दरभंगा

2.       हायाघाट

3.       बहादुरपुर

4.       केवटी

5.       जाले

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